राजनाथ ने दी BSF को खुली छूट, गोलियों की ना की जाए परवाह

नई दिल्ली ( 28 अक्टूबर ) : सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। लेकिन पाकिस्तान के रेंजर गुरुवार शाम से ही एलओसी पर बहुत नजदीक आकर भारी गोलीबारी कर रहे हैं। पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारतीय सेना की चौकियों को निशाना बनाया है। बीएसएफ पाकिस्तान की हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पूरे हालात पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने BSF के डीजी से बात की और करारा जवाब देने को कहा। अखनूर की केरी में 5 जवान जख्मी हुए हैं। जवानों को एयरलिफ्ट कर हॉस्पिटल ले जाया गया है। NSA अजीत डोभाल को हमले की जानकारी दी गई है। बता दें कि पाकिस्तान 41 बार सीजफायर वॉयलेशन कर चुका है। मोर्टार से हमला, घुसपैठ रोकने में 

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ भारतीय चौकियों पर हमले के पीछे आतंकी हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मोर्टार से हमला हुआ है। एलओसी के बहुत नजदीक पाकिस्तानी सेना का जमावड़ा भी है।

LoC पर कहां-कहां हो रही है फायरिंग तंगधार, अखनूर, मेंढर में फायरिंग भारतीय चौकियों पर फायरिंग हो रही है। पांच जवान बुरी तरह से जख्मी हुए हैं। जवानों को एयरलिफ्ट कर हॉस्पिटल ले जाया गया है।

घुसपैठ रोकने में दो जवान शहीद

इससे पहले जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर वॉयलेशन और घुसपैठ रोकने में दो भारतीय जवान शहीद हो गए। इनमें एक बीएसएफ और दूसरा गढ़वाल राइफल्स का जवान शामिल है। गुरुवार को पाकिस्तान ने एलओसी से सटे कई इलाकों में फायरिंग की। अब्दुलियां में जख्मी जवान को जान गंवानी पड़ी। इसके बाद शाम को कुपवाड़ा के तंगधार में घुसपैठ रोकने में 4-5 आतंकियों के साथ एनकाउंटर में आर्मी जवान शहीद हो गया।

बीएसएफ ने भी एक पाक रेंजर मार गिराया है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 41 बार सीजफायर वॉयलेशन कर चुका है पाक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अब तक 41वीं बार सीजफायर वॉयलेशन किया है। पाक रेंजर्स ने आरएसपुरा, अरनिया, अब्दुलियां, नौशेरा और पुंछ में सीजफायर तोड़कर हैवी फायरिंग की। तीन दिन से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। इसी हफ्ते सोमवार को सीमापार से फायरिंग में एक जवान शहीद हो गया था। एक बच्चे की भी मौत हो गई थी।

आम नागरिक बन रहे हैं निशाना

- पिछले पांच दिनों में पाकिस्तान की ओर से फायरिंग में सबसे ज्यादा आम नागरिक निशाना बन रहे हैं। - पांच दिनों में 30 से ज्यादा आम लोग घायल हो चुके हैं। - गुरुवार को इन सेक्टर्स में घायल हुए लोगों का यहां के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। - इन सेक्टर्स के कई गांवों के लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं।