अखाड़े में छोरों पर भारी विनेश ने बनाई नई पहचान

नई दिल्ली (8 मार्च): अखाड़े में छोरों पर भारी फोगाट बहनों की नई पहचान हैं विनेश। चाचा महावीर फोगाट की देखरेख में अखाड़े में बचपन बीताने वाली विनेश 2014 में सबकी नजर में तब आई, जब उन्होंने कामनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता।

इसके बाद विनेश ने एशियाड में कास्य पदक भी हासिल किया। 2016 में रियो ओलंपिक में भी विनेश का मेडल पक्का था, लेकिन क्वार्टरफाइनल में लगी चोट ने उन्हें मेडल से दूर कर दिया। लेकिन पूरे हिंदुस्तान की उम्मीदें अभी विनेश से खत्म नहीं हुई हैं। हाल ही में विनेश ने एशियन रेसलिंग चैंपियनशिफ में सिल्वर मेडल जीता है। अब विनेश का अगला लक्ष्य 2020 के टोकयो ओलंपिक में देश का परचम लहराना है।

विनेश फोगाट की मेहनत का ही नतीजा है कि आज वो हर युवा की रोल मॉडल बन चुकी है। देश की हर बेटी विनेश की तरह अपने देश के लिए खास बनना चाहती है। विनेश आने वाले समय में देश की सबसे सफल महिला रेसलर बन सकती है, क्योंकि विनेश को खुद पर भरोसा है। महिला दिवस पर विनेश फोगाट को न्यूज़ 24 का सलाम।

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