शहीद के लिए रात भर रोता रहा पूरा गांव

नई दिल्ली(20 सितंबर): उरी हमले में शहीद जवान हरेन्द्र यादव का पार्थिव शरीर सोमवार देर रात को बनारस से उनके पैतृक गांव देवपुरा पहुंचा तो गमगीन माहौल के बीच भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे। 

- देश के लिए जान देने वाले गाजीपुर के लाल के शव का अंतिम दर्शन करने के लिए आधी रात को घर पर सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी थी।

- शहीद के शव को लेकर हरेंद्र के गांव पहुंचे सेना के जवानों ने जब बुजुर्ग पिता को सलामी दी तो वह आंसुओं की धार के बीच जयहिंद कहने के साथ जब भारत माता की जय का उद्घोष किया तो वहां आंखें नम होने के साथ गर्व से सबका सीना चौड़ा हो गया।

- सेना के जवान गांव में शहीद हरेंद्र का पार्थिव शरीर लेकर ज्यों पहुंचे घरवालों के सब्र का बांध टूट गया। हर किसी की आंख नम हो गईं। गम के साथ लोगों में आक्रोश भी दिखा। ये आक्रोश सिर्फ हरेन्द्र की मौत का नही था। लोगों की जुबान पर बस एक ही बात थी कि अब आतंकी गतिविधियों के नाम पर पाकिस्तान द्वारा हो रही इस गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब भारत सरकार को देना चाहिए।

- पार्थिव शरीर परंपरागत तरीके से लकड़ी के कॉफीन बॉक्स में तिरंगे में लपेटकर जब एक गरीब किसान केदार के दरवाजे पहुंचा तो सभी आमोखास की नजरें श्रद्धा से झुक गई। इस मौके पर डीएम संजय कुमार खत्री, एसपी रामकिशोर के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र यादव सहित कई लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाया। पार्थिव शरीर पहुंचने पर शहीद के दरवाजे पर आलम यह था कि पांव रखने तक की जगह नहीं थी।

- महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग बड़ी संख्या में पहुंचे। अपने लाल हरेंद्र के शोक में गांव में चूल्हा नहीं जला। शहीद के परिजनों ने बताया कि उनका एक भाई पंजाब में किसी कंपनी में काम करता है। वह वहां से चल दिया है। घरवाले उसके आने का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद मंगलवार सुबह आठ बजे शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई।