टेंट हाउस से किराए पर लिए गद्दे और रजाई, बैंक के बाहर ही सो गए पैसे लेने आए लोग

नई दिल्ली ( 28 दिसंबर ): मोदी सरकार ने 8 नवंबर की आधी रात से बड़े नोटों पर पाबंदी लगा दी। उसके बाद से लेकर आज तक न हालात सुधरे न बदले न तस्वीर। अब सुदूर गांव व कस्बों में बैंक से पैसा निकालने के लिए लोग कतार में खड़े हैं। एटीएम बंद हैं। पैसा निकालने की सीमा खत्म न होने की वजह से लोग इस हद तक परेशानी झेल रहे हैं कि उनकी कोशिश खबर बन गई।

बड़ौदा में सोमवार-मंगलवार की रात ग्रामीण एसबीआई की शाखा के बाहर ही बिस्तर लगाकर सो गए। बिस्तर लगाकर होने की वजह यह है कि सुबह बैंक के बाहर कतार लंबी हो जाएगी। इसलिए पहले से उन्होंने यहां डेरा डालकर जगह बना ली है।

बिस्तर के लिए ग्रामीणों ने टेंट हाउस से किराए पर रजाई-गद्दे लिए। हैरत है कि प्रतिस्पर्धा रात 2 बजे ही शुरू हो गई। लोग लाइन बनाने लगे तो रजाई-गद्दे लेकर सोने आए ग्रामीण भी कतार में सबसे पहले लग गए। सुबह 7 बजे तक 400 लोग बैंक के बाहर कतार में खड़े थे।

करीब साढ़े तीन घंटे बाद 10.30 बजे बैंक खुला तो नकद बांटना शुरू किया गया। सलमान्या के बीरू बंजारा का कहना है कि बेटियों की शादी फरवरी में है। अभी से रुपए नहीं निकाले तो शादी करना मुश्किल हो जाएगा। बीरू का कहना है कि बेटे की शादी के लिए पैसा लेने हर रोज बैंक आता हूं। सलमान्या के अलपू बंजारा 40 का कहना है कि बेटे महावीर की शादी जनवरी है। यहां सिर्फ 4 हजार मिल रहे हैं।

भिलवाड़िया निवासी सूरजमल बैरवा का कहना है कि खाद-बीज की उधारी चुकाना है। 15 दिन से परेशान हैं। नंबर अभी तक नहीं आया। सलमान्या निवासी शंकर बंजारा का कहना है कि उसे आंख से ठीक से दिखाई नहीं देता। कान से सुनाई भी नहीं दे रहा। कोटा में इलाज कराना है।