हाईप्रोफाइल छेड़खानी कांड में पुलिस का यू-टर्न!, थाने से मिली जमानत


विशाल एंग्रीश (6 अगस्त): चंडीगढ़ हाईप्रोफाइल छेड़खानी कांड में पुलिस ने यू-टर्न ले लिया है। 24 घंटे के भीतर हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला के ऊपर लगी गंभीर धाराओं को हटाकर पुलिस ने थाने से ही जमानत दे दी गई। पुलिस का कहना है कि उसका ये फैसला पीड़ित लड़की के 164 के बयान के बाद बदला है।

पुलिस के इस यू-टर्न पर बारीकी से नजर डालेंगे, लेकिन उससे पहले आपको पीड़ित लड़की की वो आपबीती जान लिजिए जिसे उसने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है, ''मैं एक आम आदमी की बेटी ना होने की वजह से खुशकिस्मत हूं, नहीं तो इन वीआईपी लोगों के खिलाफ खड़ा होने की उनके पास क्या ताकत होती है। मैं इसलिए भी खुशकिस्मत हूं, क्योंकि मैं रेप के बाद किसी नाले में मरी नहीं पड़ी हूं। अगर ये चंडीगढ़ में हो सकता है तो कहीं भी हो सकता है। इन लड़कों ने कैसे सोच लिया कि ये मेरी कार में घुस सकते हैं या मुझे अपनी कार में खींच सकते हैं। सिर्फ इसलिए कि वो एक ताकतवर परिवार से हैं।''

खौफनाक रात की ये वो आपबीती है, जिसे पीड़ित लड़की ने पोस्ट किया। इस पोस्ट में रेप की आशंका का डर है, किडनैपिंग की कोशिश की कहानी है, लेकिन पुलिस जो शनिवार सुबह तक बड़े-बड़े दावे कर रही थी। शाम होते-होते अपने बयान से पलट गई। डीएसपी सतीश 24 घंटे के अंदर ही अपने बयान से पलट गए, लेकिन क्या लड़की की पोस्ट किसी मामूली घटना की आपबीती है।

सत्ता के नशे में चूर हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष का बेटा विकास अपनी सफेद सफारी गाड़ी नंबर HR 23G 1008 से ना सिर्फ पीछा किया बल्कि गाड़ी से लड़की को बाहर खीचने की भी कोशिश की। बार-बार रात का फायदा उठाकर अकेली लड़की की गाड़ी को रोकने की कोशिश की और उसके दोस्त ने गाड़ी से उतरकर शीशे को तोड़ने की कोशिश, लेकिन लड़की इन गुंडो से लड़ती रही।

पीड़ित लड़की ने अपनी पोस्ट में उस खौफनाक रात की आपबीती में ये भी लिखा, ''मेरे हाथ कांप रहे थे, कमर जकड़ रहा था, कुछ हक्की-बक्की और कुछ आंखों में आंसू लिए मैं ये सोच रही थी कि पता नहीं आज घर लौट पाऊंगी भी कि नहीं। पता नहीं कब पुलिस वाले आएंगे या आएंगे भी या नहीं। वो मेरी कार को बार-बार ब्लॉक करके रोकने की कोशिश कर रहे थे और मैं हर बार किसी तरह अपनी कार को निकालकर आगे बढ़ रही थी।''