राज्यसभा से विजय माल्या का इस्तीफा नामंजूर, निष्कासन की होगी सिफारिश

नई दिल्ली (3 मई): राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी ने विजय माल्या का इस्तीफा प्रक्रियागत आधार पर अस्वीकार कर दिया है। माल्या राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य हैं। संसद की आचार समिति विजय माल्या की तरफ से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने के बाद भी उच्च सदन से उनके निष्कासन की सिफारिश करेगी।

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, अंसारी के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) गुरदीप सिंह सप्पल ने राज्यसभा महासचिव की चिट्ठी का जिक्र करते हुए ट्विटर पर कहा, "हामिद अंसारी, सभापति, राज्यसभा, विजय माल्या का इस्तीफा स्वीकार नहीं करते। महासचिव राज्यसभा ने माल्या को लिखा है कि उनका त्यागपत्र प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है और इस पर वास्तविक हस्ताक्षर नहीं हैं।" 

उन्होंने कहा, "राज्यसभा प्रक्रियाओं के नियम 213 के अनुरूप त्यागपत्र स्वेच्छापूर्ण और वास्तविक होना चाहिए।" बताया जा रहा है, समिति में इस फैसले पर आम सहमति थी कि 9,400 करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्ज चूक का सामना कर रहे माल्या को अब उच्च सदन में और नहीं रहने देना चाहिए।

आचार समिति के माल्या ने निष्कासन पर फैसला किए जाने से एक दिन पहले सोमवार को उन्होंने फैक्स के जरिये राज्यसभा सभापति को अपना इस्तीफा भेजा था। निष्कासन के मुद्दे पर समिति की 25 अप्रैल को हुई पिछली बैठक में आम सहमति बनी थी।

समिति ने अपने नोटिस पर माल्या के जवाब को संतोषजनक नहीं पाया। बताया गया कि समिति बुधवार को राज्यसभा में अपनी रिपोर्ट रखेगी। किसी भी सांसद की सदस्यता खत्म करने के लिए सदन में इस आशय का प्रस्ताव लाना और इसे मंजूरी दिया जाना आवश्यक होता है।