पाकिस्तान की बर्बरता पर बोले खेल मंत्री, आतंकवाद और खेल साथ-साथ नहीं चल सकता

नई दिल्ली (3 मई): सरहद पर पाकिस्तान की लगातार जारी शैतानी हरकतों से भारत में हर स्तर पर गुस्सा है। तमाम लोग अपने-अपने तरीक से पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग कर रहे हैं। इस कड़ी में केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने साफ किया है कि खेल और आतंकवाद एकसाथ नहीं चल सकता है।


केंद्रीय खेल मंत्री ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुये कहा है कि जब तक वह आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा तब तक भारत उसके साथ कोई खेल संबंध नहीं रखेगा। विजय गोयल ने ये बाते राष्ट्रीय युवा पुरस्कार की घोषणा मौके पर कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना चाहिये कि आतंकवाद और खेल साथ साथ नहीं चल सकते। पाकिस्तान ने दो भारतीय सैनिकों का सिर काटकर जो बर्बरता की है उसे लेकर भारत सरकार बहुत गंभीर है।


खेल मंत्री ने राजधानी में होने वाली सीनियर एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता के लिये पाकिस्तानी पहलवानों को वीजा न मिलने के मुद्दे पर कहा कि उन्हें मालूम है कि पाकिस्तानी पहलवानों को वीजा नहीं मिला है। विजय गोयल ने कहा कि वो पाकिस्तान को साफतौर पर बताना चाहते है कि जब तक वह आतंकवाद को पोषित करना बंद नहीं करेगा तब तक उसके साथ हमारे कोई खेल संबंध नहीं होंगे। गोयल ने कहा जब पाकिस्तान के साथ खेल संबंध नहीं होंगे तो वहां की जनता को महसूस होगा कि उनके देश की सरकार कितना गलत कर रही है और फिर वहां की जनता खुद ही अपनी सरकार पर दबाव बनायेगी।


पूरा विश्व जानता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को लगातार किस कदर बढ़ावा दे रहा है। यही कारण है कि दुनिया के देश पाकिस्तान में किसी भी खेल स्पर्धा में हिस्सा लेने नहीं जा रहे हैं। पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करना होगा। इंग्लैंड में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्राफी में भारत की भागीदारी को लेकर असमंजस की स्थिति के सवाल पर खेल मंत्री ने कहा दरअसल इस मामले में कोई भी फैसला बीसीसीआई को करना है। इसमें हम दखल नहीं दे सकते हैं।


आईलीग फुटबाल चैंपियनशिप और आईएसएल के विलय के मुद्दे पर भी गोयल ने कहा यह देखना फुटबाल फेडरेशन का काम है। इस मामले में भी हम कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। मुझे पूरी स्थिति को देखना होगा तभी जाकर मैं इस पर कोई टिप्पणी कर पाऊंगा। फिलहाल मुझे कोलकाता जाना है और मुझे मालूम है कि मुझसे वहां भी यही सवाल पूछा जाएगा।