OMG : मौत की सज़ा से बचने के लिए जेल में खरीदी प्रैग्नेंसी

नई दिल्ली (17 फरवरी) :  वियतनाम में एक बहुत ही अजब मामला सामने आया है। यहां एक महिला को नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में सज़ा-ए-मौत सुनाई गई। इससे बचने के लिए महिला ने जो रास्ता अपनाया, उसे सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा।

42 वर्षीय नगुएन थी हुई को 2012 में गिरफ्तार किया गया और 2014 में सज़ा-ए-मौत सुनाई गई। इसके ख़िलाफ़ नगुएन ने अपील की जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया। कहानी असली अब शुरू होती है। महिला ने जेल में एक पुरुष कैदी को प्लास्टिक की थैली में सीमन (वीर्य) और एक सीरींज लाकर देने के लिए कहा।

नगुएन ने साथी कैदी को उसे प्रैग्नेंट होने में मदद करने के लिए 1600 पाउंड भी दिए। अधिकारियों के मुताबिक 27 वर्षीय पुरुष कैदी ने दो बार अपना सीमेन जमाकर सीरींज में डालकर नगुएन के लिए छोड़ दिया। अब नगुएन दो महीने बाद संतान को जन्म देने वाली है। इसके चलते नगुएन की मौत की सज़ा को अब आजीवन कारावास में बदल दिया गया है। वियतनाम के मुताबिक किसी भी प्रैग्नेंट अपराधी को मौत की सज़ा नहीं दी जा सकती।

इस पूरे प्रकरण में जेल के चार अधिकारियों को कोताही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वियतनाम में ये पहली बार नहीं हुआ है कि जेल में किसी प्रैंग्नेंट अपराधी की मौत की सज़ा इस तरह आजीवन कारावास में बदली गई हो।

2006 में थी ओआंग नाम की महिला ने भी जेल में रहते हुए यही रास्ता अपनाया था। तब उसकी बहन ने एक गॉर्ड को 50 पाउंड देकर एक पुरुष कैदी को उसकी बैरक में जाने देने के लिए कहा था। 2007 में होओ बिन्ह प्रांत में भी जेल के दो सुरक्षाकर्मियों को एक महिला कैदी को ऐसे ही पुरुष कैदी से मिलने देने का दोषी पाया गया था। दोनों सुरक्षाकर्मियों को 5 साल कैद की सज़ा सुनाई गई थी।

बता दें कि नशीले पदार्थों की तस्करी के ख़िलाफ़ वियतनाम दुनिया के सबसे सख्त क़ानून वाले देशों में से एक है।