आर्मी जीप पर बंधे युवक पर बड़ा खुलासा


नई दिल्ली(15 अप्रैल): कश्मीर में पथराव से बचने के लिए एक व्यक्ति को कथित तौर पर मानव ढाल के रूप में सेना की जीप पर बांधने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। सेना ने इस वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं।


- वह व्यक्ति भी सामने आया है जिसे सेना की जीप पर बांधा गया। उसके भाई ने दावा किया है कि वह कोई पत्थरबाज नहीं बल्कि शॉल बुनकर है और सेना ने घंटों उसकी परेड कराई है।


-वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान फारूक अहमद डार (26) के रूप में हुई है जो बडगाम जिले का रहने वाला है। हालांकि सेना के सूत्रों का दावा है कि जीप पर बंधा शख्स पत्थरबाज ही है।


- उनके मुताबिक सेना की पांच गाड़ियों के काफिले को पत्थरबाजी और बिना किसी फायरिंग के सुरक्षित गुजारने के लिए यह कदम उठाया गया। वीडियो के सामने आने के बाद मानवाधिकारवादी संगठन और तमाम राजनीतिक दल इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी इस मामले में पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।


-  इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में फारूक के हवाले से बताया है कि सेना ने अपनी गाड़ी पर बांधकर करीब 9 घंटे तक परेड कराई। फारूक ने कहा है कि वह कोई पत्थरबाज नहीं बल्कि शॉल बुनकर है और थोड़ा बहुत बढ़ईगीरी आती है। फारूक ने बताया कि उसे उटलीगाम से सोनपा, नजान, चाकपोरा, हांजीगुरु, रावलपोरा, खोसपोरा और अरिजल में करीब 25 किलोमीटर घुमाया गया।


- फारूक बहन की ससुराल से ही लौट रहा था तभी सेना ने उसे रोक लिया।