महाराष्ट्र में अलग राज्य की मांग को लेकर 'विदर्भ' के झंडे फहराए, तेज होगा आंदोलन

नई दिल्ली (1 मई): महाराष्ट्र में अलग विदर्भ राज्य की मांग के समर्थकों ने शुक्रवार को नागपुर में 'विदर्भ का झंडा' फहराया। इस मांग की अगुवाई महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल श्रीहरि अणे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने अभियान को और भी तेज करेंगे।

'फर्स्टपोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, विदर्भ समर्थक नेताओं और कार्यकर्ता नागपुर के बजाज नगर स्क्वायर के एक प्राइवेट रिसॉर्ट में इकट्ठे हुए। उन्होंने खास तौर पर तैयार किए गए कई रंगों से बनाए झंडे फहराए। ऐसा 1 मई 1960 को तब के केंद्रीय प्रांतों विदर्भ और बेराड़ के महाराष्ट्र में शामिल किए जाने के विरोध में किया गया। अणे ने कहा "हमें किसी रानजीतिक दल या समूह से डर नहीं है, जो विदर्भ राज्य के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा। अलग विदर्भ का झंडा हम पिछले तीन सालों से फहरा रहे हैं। आगे इस आंदोलन में और तेजी लाएंगे।" 

नागपुर में ही अलग विदर्भ की मांग आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने मोबाइल टावर पर चढ़कर की। उधर यवतमाल में विदर्भ समर्थकों ने राज्य परिवहन की 6 बसों को निशाना बनाया। शायद उन्हें लगा कि इससे उनकी मांग सबसे पहले सुनी जाएगी। बुलढाणा और अमरावती में भी झंडे फहराए गए।

नागपुर में ही शिवसेना और एमएनएस (मनसे) जैसी पार्टियों ने अलग विदर्भ का विरोध किया। बीजेपी अलग विदर्भ का समर्थन करती आई है। शिवसेना मुखालिफत 1960 के विदर्भ, मध्य प्रांत और बेरार के विलय का विरोध आज भी चल रहा है। इस मुद्दे पर समर्थन की कीमत श्री हरि अणे को अपनी कुर्सी देकर चुकानी पड़ी थी। अब विदर्भ समर्थकों का कहना है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उनका आंदोलन मुख्यमंत्री के घर नागपुर से और तेज होगा।