BREAKING: विपक्ष के CJI के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को उपराष्ट्रपति ने किया खारिज

नई दिल्ली (23 अप्रैल): उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। आपको बता दें कि कांग्रेस की अगुवाई में 7 विपक्षी पार्टियों ने उपराष्ट्रपति के सामने ये प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन कानूनी सलाह के बाद वेंकैया नायडू ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। 

Vice President M Venkaiah Naidu rejects the Impeachment Motion against CJI Dipak Misra. pic.twitter.com/Bz53ikvAwh

— ANI (@ANI) April 23, 2018

उपराष्ट्रपति ने नोटिस खारिज करने की ये वजह गिनाईं

-सांसदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नोटिस में बताए गए सीजेआई के खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक किया। ये संसदीय गरिमा के खिलाफ है। ये अनुचित है और सीजेआई के पद की अहमियत कम करने वाला कदम है। मीडिया में बयानबाजी से माहौल खराब होता है।

-सभी पांच आरोपों पर गौर करने के बाद ये पाया गया कि ये सुप्रीम कोर्ट का अंदरूनी मसला है। ऐसे में महाभियोग के लिए ये आरोप स्वीकार नहीं किए जा सकते। 

-सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों ने अपने आदेश में ये साफ कहा है की चीफ जस्टिस ही मास्टर ऑफ रोस्टर हैं और वे ही तय कर सकते हैं कि मामला किसके पास भेजा जा सकता है।

-सांसदों ने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें कोई ठोस सबूत और बयान नहीं दिए गए। नोटिस में जो आरोप लगाए हैं, वो बुनियादी तौर पर न्यायपालिका की आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़े हैं। ऐसे में इन पर आगे जांच की जरूरत नहीं है। 

--नोटिस उचित तरीके से नहीं दिया गया है। किसी के महज विचारों के आधार पर हम गवर्नेंस के किसी स्तंभ को कमजोर नहीं होने दे सकते। चीफ जस्टिस की अक्षमता या उनके द्वारा पद के  दुरुपयोग के आरोप को साबित करने के लिए विश्वसनीय और सत्यापित करने योग्य जानकारी होनी चाहिए।