शिशु मंदिर में 125 छात्राओं को दी गई हथियार चलाने की ट्रेनिंग

नई दिल्ली (9 जून): विश्व हिंदू परिषद ने अलीगढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर में अपनी महिला ब्रिगेड की 125 छात्राओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी। वीएचपी की दुर्गा वाहिनी की सदस्यों की ट्रेंनिंग एक हफ्ते चली। इसमें तलवारबाजी और निशानेबाजी से लेकर बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दी गई।

लाठी भांजने की ट्रेनिंग, बंदूक चलाने की ट्रेनिंग, कराटे की ट्रेनिंग। ये ट्रेनिंग किसी सेना या फिर पैरामिलेट्री फोर्स की नहीं है। बल्कि वीएचपी के एक खतरनाक प्लान का हिस्सा है। जिसमें दुर्गा वाहिनी की मासूम बच्चियों को नफरत की सियासत की ऐसी पाठ पढ़ाई जा रही है जिससे मुस्लिमों के प्रति नफरत पैदा हो सके।

हिंदू सुरक्षा के नाम पर दी जा रही है हथियार चलाने की ट्रेनिंग, आतंकवाद के खिलाफ लड़के के नाम पर दी जा रही है लाठी भांजने की ट्रेनिंग। डंडा मारना सिखाया जा रहा है और ट्रेनिंग के नाम पर लव जिहाद का जहर भी घोला जा रहा है।

दुर्गा वाहिनी का ट्रेनिंग कैंप उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में लगाया गया। यहां सैकड़ों सदस्याओं को धर्मरक्षा और आत्मरक्षा का पाठ पढ़ाया गया। भारत माता के नारे लगाए गए। आतंकवादियों से लड़ाया गया और आतंकवादियों को मार गिराना सिखाया गया।

सेल्फ डिफेंस के नाम पर आयोजित की जा रही ट्रेनिंग के दौरान जो कुछ किया गया वो तो आपने देखा लेकिन जो इन बच्चियों को बताया गया वो बेहद परेशान करने वाला है, वीएचपी धमार्नांतरण के जरिए अब हिंदुओं की संख्या को बढ़ाना चाहता है। कहा जा रहा है कि  मुस्लिम लड़कों को भाई बनाये, उनको विवाह करना है तो वो हिन्दू बने। 

विश्व हिंदू परिषद पिछले कुछ दिनों से यूपी में अपने यूथ विंग बजरंग दल जिसपर दंगा भ़ड़काने के आरोप लगते रहे हैं। जिसपर महिलाओं से बदसलूकी के आरोप लगते रहे हैं। उनके कार्यकर्ताओं को आत्मरक्षा के नाम पर हथियारों की ट्रेनिंग दे रहा है और महिला विंग दुर्गा वाहिनी की सदस्याओं को शौर्य प्रशिक्षण के नाम पर।

सवाल है कि आखिर दुर्गा वाहिनी या फिर बजरंग दल को इस तरह की ट्रेनिंग की क्यों जरुरत पड़ी है। क्या वीएचपी का फिर से कोई बड़ा प्लान है और आखिर उत्तरप्रदेश पर ही वीएचपी क्यों पोकस कर रहा है।