VHP ने की शिमला का नाम बदलकर 'श्यामला' रखने की मांग, राज्य सरकार ने नकारा

नई दिल्ली (23 अप्रैल): विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की तरफ से शिमला शहर का नाम बदलने की मांग की गई। जिसपर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि शिमला शहर का नाम बदलने की सरकार की कोई योजना नहीं है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा, "शिमला तथा ब्रिटिश हुकूमत के नाम वाले जगहों का नाम नहीं बदला जाएगा।" गौरतलब है, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार द्वारा गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम करने के फैसले के बाद वीएचपी की हिमाचल इकाई ने मुख्यमंत्री से शिमला का नाम 'शेमालय' करने का अनुरोध किया है। 

ऐसा दावा किया गया है कि 'श्यामला' ही इसका पुराना नाम है। वीएचपी पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "कल वे यह भी कह सकते हैं कि वीरभद्र को अपना नाम बदल लेना चाहिए।" वीएचपी ने कहा कि शिमला में स्थित सरकारी अतिथिगृह पीटरहॉफ का नाम बदलकर वाल्मीकि भवन तथा डलहौजी टाउन का नाम सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा जाए। डलहौजी टाउन की स्थापना सन् 1854 में ब्रिटिश हुकूमत ने की थी।