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VHP को उग्रवादी संगठन बताने पर मांफी मांगे CIA: विनोद बंसल

अमेरिकी खूबिया ऐजेंसी CIA द्वारा विश्व हिन्दू परिषद् व बजरंगदल को उग्रवादी धार्मिक संगठन घोषित करने के बाद वीएचपी नेता विनोद बंसल ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि किसी के भी द्वारा इस तरीके की बात कहना घोर आपत्तिजनक, अपमानजनक तथा तथ्यों से परे है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 जून): अमेरिकी खूबिया ऐजेंसी CIA द्वारा विश्व हिन्दू परिषद् व बजरंगदल को उग्रवादी धार्मिक संगठन घोषित करने के बाद वीएचपी नेता विनोद बंसल ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि किसी के भी द्वारा इस तरीके की बात कहना घोर आपत्तिजनक, अपमानजनक तथा तथ्यों से परे है।वीएचपी प्रवक्ता बंसल ने आगे कहा कि ये संगठन पूर्ण रूप से देश भक्त हैं तथा इनकी गतिविधियाँ राष्ट्र को समर्पित हैं। विहिप के संयुक्त महासचिव डा सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि 60,000 से अधिक एकल विद्यालय तथा एक हजार से अधिक अन्य सेवा कार्य करते हुए विहिप देश के समग्र विकास के लिए समर्पित है। देश हित व हिन्दू हितों के साथ ये संगठन कभी समझौता नहीं करते। इन सब तत्थ्यों की जानकारी CIA को न हो, यह संभव नहीं है।ये सब जानते हुए भी सीआईए का ये अनर्गल आरोप लगाना किसी निहित स्वार्थ के कारण ही सम्भव है। बंसल ने ये भी संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के चर्चों द्वारा लिखे गए पत्र भी इस बृहद षडयंत्र के भाग हैं। ओसामा बिन लादेन को खड़ा करके जिहादी आतंकवादी की आग में विश्व को झोंकने वाला CIA किस अधिकार से भारत के देश भक्त संगठन पर टिप्पणी कर सकता है।आपको बता दें कि विहिप के संयुक्त महासचिव के यह भी कहा कि CIA की भारत विरोधी मानसिकता उसकी कथित Factbook में छापे भारत के मानचित्र से भी स्पष्ट हो जाती है। उन्होंने गुलाम कश्मीर के अलावा कश्मीर के ही कुछ अन्य भागों को पाकिस्तान में दिखाया है। यह घोर आपत्तिजनक तथा देश का अपमान है।डा जैन ने कहा कि अमेरिकी सरकार को अपनी इस कुख्यात एजेंसी को आदेश देना चाहिए कि वह अबिलम्ब अपनी इन त्रुटियों को सुधार कर भारत की जनता से क्षमा याचना करे। यदि जल्द ही यह सुधार नहीं किया जाता तो विश्व हिन्दू परिषद् वैश्विक स्तर पर CIA के विरुद्ध आन्दोलन छेड़ेगा। CIA का भारत विरोधी इतिहास सर्व विदित है तथा वर्तमान षडयंत्र उसी मानसिकता का परिणाम है। विहिप का भारत सरकार से अनुरोध है कि वह अमेरिकी सरकार से संपर्क कर दबाव बनाए कि वह इस विषय पर अविलम्ब कार्यवाही करे।

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