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राम मंदिर पर वीएचपी का बड़ा बयान

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर विश्व हिंदू परिषद का धर्मसभा जारी है। इस धर्मसभा में वीएचपी और अन्य हिंदू संगठनों से जुड़े नेता अपना-अपना भाषण दे रहे हैं। इसी कड़ी में वीएचपी नेता चंपत राय ने बड़ा बयान दिया है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (25 नवंबर): अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर विश्व हिंदू परिषद का धर्मसभा जारी है। इस धर्मसभा में वीएचपी और अन्य हिंदू संगठनों से जुड़े नेता अपना-अपना भाषण दे रहे हैं। इसी कड़ी में वीएचपी नेता चंपत राय ने बड़ा बयान दिया है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा है कि वीएचपी को विवादित हिस्से की जमीन का बंटवारा मंजूर नहीं है, और राम मंदिर निर्माण के लिए विवादित हिस्से की पूरी जमीन चाहिए। उन्होंनें सुन्नी वक्फ बोर्ड से अपील की है कि वो अपना केस वापस लेकर जमीन राम मंदिर के लिए हमारे हवाले कर दे। साथ ही वीएचपी नेता ने कहा कि विवादित जगह पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे। अब हमारे सब्र का बांध टूट गया है। मंदिर वही सन्त बनाएंगे, जिन्होंने आंदोलन चलाया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को अपने संकल्प को पूरा करना चाहिए। सरकार ने राम मंदिर निर्माण का वचन दिया है। अयोध्या राम की जन्मभूमि है, यहां केवल मंदिर बनेगा। जन्मभूमि का स्थान कभी बदला नहीं जा सकता।वीएचपी उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि जब अर्जुन को बात समझ में नहीं आ रही थी तो भगवान कृष्ण ने अपना मुंह खोला और उसमें संसार का सच दिखा। वीएचपी की यह धर्मसभा उसी क्रम में है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ विद्वान ऐसा मानते हैं कि कि राम मंदिर मुद्दा बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद से शुरू हुआ है। लेकिन, यह लड़ाई पिछले 490 वर्षों से लगातार जारी है। 25 साल बाद हमें यह सभा इसलिए करनी पड़ रही है ताकि कुछ समझदार लोगों को यह याद दिलाया जा सके कि राम मंदिर का मुद्दा 06 दिसम्बर 1992 के बाद खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवायी पर उच्चतम न्यायालय टालमटोल कर रहा है। यहां राम का मंदिर था। मस्जिद इनवैलिड है। मंदिर का निर्माण किसी भी कीमत पर चाहिए। उधर विवादित मामले में मुस्लिम इकबाल अंसारी ने कहा है कि साधु-संत भले लोग हैं। आयोजन सरकार की निगरानी में हो रहा। सरकार सब देख रही है।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये रिपोर्ट...

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