शशि कपूर ने 3 साल बड़ी लड़की से की थी शादी, जानें अनसुनी कहानियां

नई दिल्ली ( 4 दिसंबर ):  दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता और मशहूर अभिनेता शशि कपूर का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को मुंबई में 79 साल की उम्र में निधन हो गया। शशि कपूर कोकिलाबेन में अस्पताल में भर्ती थे। 

शशि कपूर राज कपूर और शम्मी कपूर के सबसे छोटे भाई थे। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शशि कपूर का असली नाम बलबीर राज कपूर था। साल 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। साल 2015 में उन्हें 2014 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

शशि कपूर ने हिन्दी सिनेमा की 160 फिल्मों में काम किया था। वे 79 साल के थे। 60 और 70 के दशक में शशि कपूर ने जब-जब फूल खिले, कन्यादान, शर्मीली, आ गले लग जा, रोटी कपड़ा और मकान, चोर मचाए शोर, दीवार कभी-कभी और फकीरा जैसी कई फिल्में में काम किया।

-शशि कपूर को हिंदी सिनेमा का पितामह कहा जाता था। उनके पिता का नमा पृथ्वीराज कपूर था और उनका जन्म 18 मार्च 1938 को हुआ था। शशि पृथ्वीराज के चार बच्चों में सबसे छोटे थे। उनकी मां का नाम रामशरणी कपूर था।

-शशि ने एक्टिंग में अपना करियर 1944 में अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के पृथ्वी थिएटर के नाटक 'शकुंतला' से शुरू किया। उन्होंने फिल्मों में भी अपने एक्टिंग की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी।

-शशि कपूर के बचपन का नाम बलबीर राज कपूर था। बचपन से ही एक्टिंग के शौकीन शशि स्कूल में नाटकों में हिस्सा लेना चाहते थे। उनकी यह इच्छा वहां तो कभी पूरी नहीं हुई, लेकिन उन्हें यह मौका अपने पिता के 'पृथ्वी थियेटर्स' में मिला।

-शादी के मामले में भी वह अलग ही निकले। पृथ्वी थिएटर में काम करने के दौरान वह भारत यात्रा पर आए गोदफ्रे कैंडल के थिएटर ग्रुप 'शेक्सपियेराना' में शामिल हो गए। थियेटर ग्रुप के साथ काम करते हुए उन्होंने दुनियाभर की यात्राएं कीं और गोदफ्रे की बेटी जेनिफर के साथ कई नाटकों में काम किया। इसी बीच उनका और जेनिफर का प्यार परवान चढ़ा और 20 साल की उम्र में ही उन्होंने खुद से तीन साल बड़ी जेनिफर से शादी कर ली। कपूर खानदान में इस तरह की यह पहली शादी थी।

-श्याम बेनेगल, अपर्णा सेन, गोविंद निहलानी, गिरीश कर्नाड जैसे देश के दिग्गज फिल्मकारों के निर्देशन में जूनून, कलयुग, 36 चौरंगी लेन, उत्सव जैसी फिल्में बनाईं। ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर तो सफल नहीं हुईं, लेकिन इन्हें आलोचकों ने काफी सराहा और ये फिल्में आज भी मील का पत्थर मानी जाती हैं।

-शशि कपूर भारत के पहले ऐसे एक्टर्स में से एक हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटिश और अमेरिकी फिल्मों में भी काम किया। इनमें हाउसहोल्डर, शेक्सपियर वाला, बॉम्बे टॉकीज, तथा हीट एंड डस्ट जैसी फिल्में शामिल हैं।

-अपनी फिल्म 'जुनून' के लिए उन्हें बतौर निर्माता राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, 'न्यू डेल्ही टाइम्स' में एक्टिंग के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 2011 में उन्हें पद्मभूषण सम्मान मिला।

-इसके अलावा शशि कपूर को फिल्म 'जब जब फूल खिले' के लिए बेस्ट एक्टर, बांबे जर्नलिस्ट एशोसिएशन अवॉर्ड और फिल्म 'मुहाफिज' के लिए स्पेशल ज्यूरी का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था।

-बॉलीवुड से वह लगभग संन्यास ले चुके थे. वर्ष 1998 में आई फिल्म 'जिन्ना' उनके फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म थी।