यौन शोषण मामला: जेल में ही सुनाया जाएगा आसाराम पर फैसला

जोधपुर(18 अप्रैल): राजस्थान हाई कोर्ट ने मंगलवार को जोधपुर की एससी-एसटी कोर्ट को आसाराम के मामले में पूर्व निर्धारित 25 अप्रैल को फैसले की सुनवाई जोधपुर सेंट्रल जेल में करने का निर्देश दिया है। 

- जोधपुर पुलिस की ओर से दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने यह निर्देश दिया है। याचिका में पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में आसाराम के समर्थकों के एकत्रित होने से उत्पन्न होने वाली संभावित कानून व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया गया था। 

- जोधपुर की एससी-एसटी कोर्ट में आसाराम के खिलाफ यौन शोषण के मामले की बहस पूरी हो चुकी है। मामले की सुनवाई कर रही अदालत 25 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगी। पुलिस की ओर से दायर अर्जी में यह बताया गया कि आसाराम के समर्थकों के बड़ी संख्या में आने की संभावना के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका है। 

- राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ के न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास और न्यायाधीश रामचंद्र सिंह झाला ने मंगलवार को जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक, पुलिस, जिला प्रशासन को सेंट्रल जेल में निर्णय को देखते हुए समुचित प्रंबध करने के लिए निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित पक्षों के वकीलों और सरकारी वकीलों को निर्णय सुनाने के दौरान मौजूद रहने की अनुमति प्रदान की गई है। 

- आसाराम पर पांच साल पहले जोधपुर स्थित आश्रम में नाबालिग के यौन शोषण का आरोप लगा था। इस मामले में जोधपुर पुलिस ने उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया था। पीड़िता यूपी के शाहजहांपुर की है। इस केस में कई गवाहों पर जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। आसाराम ने कई बार खराब सेहत का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट तक जमानत की याचिका दाखिल की लेकिन उन्हें जेल में बंद होने के बाद राहत नहीं मिली।