कुलभूषण जाधव केस: ICJ के फैसले को सुषमा और राजनाथ ने बताया भारत की जीत

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 जुलाई): कुलभूषण जाधव मामले में भारत को इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में बड़ी कामयाबी मिली है। ICJ ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाते हुए पाकिस्तान से सजा की समीक्षा करने को कहा है। इसके साथ-साथ उसे जाधव तक भारत को कंसुलर एक्सेस देने का आदेश दिया गया है। ICJ ने अपने आदेश में कहा कि भारत को कंसुलर एक्सेस न देकर पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन का उल्लंघन किया है। पाकिस्तान से कहा है कि वह जाधव को फांसी की सजा पर पुनर्विचार करे और उसकी समीक्षा करे। जाधव को सजा की समीक्षा तक उन्हें दी गई फांसी की सजा को निलंबित कर दिया गया है।  

लाइव अपडेट:

-आईसीजे ने अपने फैसले में कहा कि कोर्ट ने पाया कि पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव से संपर्क करने और उन्हें हिरासत में रखकर उन्हें किसी से मिलने के और अपने कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए व्यवस्था करने के अधिकार से वंचित किया। पाकिस्तान ने इस तरह से कंसूलर रिलेशंस पर वियना कन्वेंशन के तहत दायित्वों का उल्लंघन किया है।

-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईसीजे के फैसले को भारत की बड़ी जीत बताया है.

-पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फैसले पर खुशी जताई है साथ ही उन्होंने आईसीजे में भारत का पक्ष रखने वाले हरीश साल्वे का धन्यवाद किया है।

-आईसीजे में भारत को बड़ी जीत मिली है। आईसीजे ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है।कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान ने वियना समझौते का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने पाकिस्तान को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया। आईसीजे ने 15-1 से भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है। 

 

    - आईसीजे ने निर्देश जारी किया है कि कुलभूषण जाधव को भारतीय दूतावास से मदद मिलेगी और उन्हें वकील भी मुहैया कराया जाएगा। आईसीजे ने कुलभूषण जाधव        को भारतीय नागरिक माना। कोर्ट ने कहा कि कई मौकों पर पाकिस्तान की तरफ से जाधव को भारतीय नागरिक कहकर संबोधित किया गया।

     -आईसीजे ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जाधव को कॉन्सुलर पहुंच की मदद मिलनी चाहिए। कोर्ट ने पाकिस्तान से से जाधव 

      की मिली सजा की समीक्षा करने के लिए कहा है।   

     -आईसीजे की कानूनी सलाहकार रीमा ओमेर ने ट्वीट किया है कि जाधव को काउंसलर एक्सेस मिलेगा, कोर्ट ने फैसले पर पुनर्विचार के लिए कहा है।