गांधी जी भी संघ के अनुशासन और सादगी को देखकर हुए थे प्रभावित- वेंकैया नायडू

नई दिल्ली (2 जून): पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संघ के समारोह में शामिल होने के आमंत्रण स्वीकार किए जाने से उपजे विवाद के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने भी संघ की तारीफ थी। महात्मा गांधी को कोट करते हुए उन्होंने कहा कि ‘जब मैं 1934 में संघ के शिविर में गया, मैं आपके अनुशासन और छूआछूत रहित वातावरण को देख कर हैरान रह गया।’ नायडू ने कहा कि गांधी ने सभी स्वयंसेवकों को एक दूसरे की जाति की परवाह किए बिना एक साथ रहते और खाते हुए देखा था। उन्होंने कहा कि भारत में धर्मनिरपेक्षता बहुत ‘सुरक्षित और निरापद’ है, क्योंकि यह सभी भारतीय के डीएनए में है।

उन्होंने आगे कहा कि 'मैं आरएसएस से जुड़ा हूं। मैं इस बात की गांरटी दे सकता हूं कि आरएसएस का मतलब आत्म अनुशासन, आत्म-सम्मान, सामाजिक आंदोलन, निस्वार्थ सेवा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुधार है।'

आपको बता दें कि संघ ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को 7 जून को होने वाले अपने 'संघ शिक्षा वर्ग-तृतीय वर्ष समापन समारोह' के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। खबरों के मुताबिक मुखर्जी ने इस न्योते को स्वीकार कर लिया है। जिसके बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने आपत्ति जाताई है। एक सवाल के जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 'आरएसएस और हमारी विचारधारा में बहुत अंतर है। यह वैचारिक फर्क आज भी है और आगे भी रहेगा।'