मुंबई: एक फैसला और सब्जियों की कीमत में लग गई आग

दीपक दुबे, नई दिल्ली (13 जुलाई): मुंबई में सब्जियों की कीमतों में एकाएक आग लग गयी है। कुछ सब्जियां डबल-ट्रिपल महंगी हो गयी है। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने एक नया फॉर्मूला लेकर आयी। जिसके मुताबिक किसान मंडियों में अपनी सब्जियां सीधे बेच सकते हैं। सरकार की नई पॉलिसी के विरोध में बिचौलियों की हड़ताल बातचीत के बाद आज खत्म हो गयी। अब सवाल उठता है कि क्या मुंबई का सब्जी वाला फॉर्मूला चलेगा? 

जो गोभी बाजार में हफ्ते भर पहले 40 रुपये किलो कोई पूछ नहीं रहा था। वो अब 120 रुपये किलो बिक रही है। टमाटर से लेकर करेला तक सभी सब्जियों की कीमतें आसमान पर पहुंच गयी हैं। मुंबईवालों की समझ में नहीं आ रहा है कि सरकार ने तो सब्जियों की कीमत कम करने वाला फॉर्मूला लाने वाली थी, फिर महंगी कैसे हो गईं।

दरअसल, महाराष्ट्र सरकार एक ऐसा नियम लाई है, जिसके मुताबिक किसान सब्जी और फल सीधे बाजार में बेंच सकेंगे। जिसमें बिचौलियों का रोल बिल्कुल खत्म हो जाएगा। अब बिचौलिए सरकार के नए फॉर्मूले का विरोध कर रहे हैं और हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे मुंबई में सब्जियां एकाएक दोगुनी-तिगुनी महंगी हो गयी है। 

सरकार के इस फॉर्मूले से किसे फायदा होगा?

- किसान सीधे बाजार में अपनी सब्जी और फल बेच सकेंगे - मंडी नियमों में बदलाव से बिचौलियों का रोल खत्म हो जाएगा - किसानों को बिचौलियों को कमीशन नहीं देना पड़ेगा - बिचौलियों की वजह से सब्जियां 40 से 60% महंगी हो जाती थी  - बिचौलियों का रोल खत्म होने से ग्राहकों को सस्ती सब्जियां मिलेंगी 

लेकिन, किसान और ग्राहकों के बीच बिचौलिए एक रेग्युलेटर की भूमिका भी निभाते थे । उनके एकाएक हटने से न तो किसानों के फायदा हो रहा है, न ग्राहकों को।

- किसानों के लिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचना मुश्किल - किसान मंडियों में सब्जियां स्टोर नहीं कर सकते  - सब्जी और फलों के दाम तय करने में दिक्कत  - सप्लाई-डिमांड में संतुलन बनाना मुश्किल हो जाएगा  - किसान और ग्राहक दोनों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

ऐसे में इस बात की कोई गारंटी नहीं कि बिचौलिया सिस्टम खत्म करने से लोगों के महंगी सब्जियों से आजादी मिल जाएगी या किसानों को मुनाफा बढ़ेगा ही। मुंबई वाला फॉर्मूला दिल्ली समेत देश के 6 राज्यों में पहले से हैं, लेकिन, कभी ठोस तरीके से कारगर नहीं है।