VIDEO: क्या आपकी दवाओं में है जानवरों की हड्डी?

नई दिल्ली (21 जून): भारत सरकार देश में शाकाहारी दवा बनाना चाहती है। सरकार शाकाहारी दवा उनके लिए बनाना चाहती है जो शाकाहारी हैं जो मांसाहारी कैप्सूल खाने से परहेज करते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। दवा बनाने वाली कंपनियों को नोटिस भेजकर कहा गया है कि वो शाकाहारी कैप्सूल बनाएं। अब सवाल ये है कि ये मांसाहारी और शाकाहारी कैप्सूल क्या होते हैं। क्या भारत में शाकाहारी कैप्सूल बनाना संभव है।

न्यूज़ 24 ने अपनी पड़ताल में यही जानने की कोशिश की। कैप्सूल किसने नहीं खाई होगी। हम जब भी बीमार पड़ते हैं, तो कोई ना कोई कैप्सूल खाने ही पड़ते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि प्लास्टिक जैसी दिखने वाली कैप्सूल की ये ऊपरी परत किससे बनी है। पता है तो अच्छी बात। अगर नहीं मालूम है तो यकीन मानिए हकीकत सुनकर आप चौंक जाएंगे। जी हां कैप्सूल के ये कवर जानवरों की हड्डियों से तैयार होते हैं। इसमें जानवर की चर्बी होती है।

लेकिन अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा, तो देश में दवाएं भी अब शाकाहारी होंगी। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं., क्योंकि मोदी सरकार शाकाहारी दवा बनाना चाहती है। ताकि शाकाहारी मरीजों को मांसाहारी दवा से मुक्ति मिल सके।

न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक साल 2016 में महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने स्वास्थ्य मंत्रालय को एक सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि मांसाहारी कैप्सूल की जगह शाकाहारी कैप्सूल का इस्तेमाल होना चाहिए। इसी के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह मांग थी। सलाह ये कि क्यों ना दवाओं को शाकाहारी और मांसाहारी में बांट दिया जाए?