राजस्थान सरकार ने वापस लिया तुगलकी फरमान

 

नई दिल्‍ली (9 अप्रैल): राजस्थान सरकार ने MLA की चिट्ठी लाने पर पहले इलाज का अपना फैसला वापस ले लिया है। न्यूज 24 पर खबर दिखाए जाने पर वसुंधरा सरकार के इस फैसले की आलोचना हो रही थी, जिसके बाद सरकार ने ये फैसला लिया। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने इस फैसले का ऐलान किया।

इससे पहले राजस्थान में वसुंधरा सरकार ने एक तुगलकी फरमान जारी किया था। सरकार ने कहा था कि राजस्थान के सरकारी हॉस्पिटल में किसी भी विधायक की सिफारिशी चिट्ठी लेकर आने वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह चिट्ठी राज्य का चिकित्सा विभाग की ओर से जारी की गई। आम आदमी की बात करने वाली राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार के इस अजब आदेश को पूरा करवाने में पूरा अस्पताल प्रशासन जुटा हुआ था।

उदयपुर के मेडिकल कॉलेज प्रशासन के प्रिंसिपल के दफ्तर से जारी पत्र में लिखा था कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बजट घोषणा के तहत मेडिकल कॉलेज के अन्तर्गत आने वाले सभी अस्पतालों में डॉक्टर के अप्पोइन्ट से लेकर इलाज तक में आम मरीजों की बजाय विधायकों के सिफारिशी पत्र को लेकर आने वाले मरीजों को प्राथमिकता देकर उनका पहले इलाज किया जाए।

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