वसुंधरा का जनता दरबार, विपक्ष ने कहा महज एक दिखावा

नई दिल्ली(9 सितंबर): सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने के बाद आखिरकार राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जनता के दुःख दर्द की याद आ ही गयी।  उन्होंने ना केवल पहली बार जनता दरबार लगाया बल्कि खुद जनता के दुःख दर्द और शिकायतों को एक एक कर सुनी और अधिकारियों से 48 घंटे के भीतर उनका समाधान खोजने को कहा। मुख्यमंत्री के इस पहले जनता दरबार में सभी महकमो के अधिकारी मौजूद थे। और पहले ही दिन 800 से भी अधिक लोगों ने अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।

- इस पहली जनसुनवाई में अलवर के साथ दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के लोग मौजूद थे। ऐसे ही अपनी शिकायत लेकर पहुँचने वालों में हैं राजस्थान के एक लोककलाकार मूंगाराम भी थे। जो की अपने और अपने जैसे कई लोक कलाकारों की बदहाली को सुधरने की मांग को लेकर वसुंधरा के जनता दरबार में पहुंचे।

- विपक्ष का कहना है की सरकार की साख गिरने लगी तो वसुंधरा को जनता की आखिरकार याद आ ही गयी। यही नहीं वे इसे जनता के आक्रोश से उपजी परिस्थिति की परिणिति भी बताकर कटाक्ष कर रहे हैं।