बीमा, बीवी और कत्ल के बीच उलझी मौत की गुत्थी!

शहनवाज खान, नई दिल्ली (20 अप्रैल): दिल्ली के वसंत कुंज में एक शख्स क्षितिज मल्होत्रा की संदिग्ध लाश मिलती है। लाश के बगल में उसकी पत्नी करीब 4 घंटे तक बैठी रहती है। आरोप है कि मृतक की पत्नी इस दरमियां ना पुलिस को कॉल करती है ना एंबुलेंस को बुलाती है। उसने बस परिजनों को बताया कि क्षितिज मल्होत्रा अब नहीं रहा।

क्षितिज एक मल्टी नेशनल बीमा कम्पनी में मार्केटिंग हेड था, लेकिन पेंच इस बात पर फंसा हुआ है कि आखिर उसकी मौत हुई या उसकी हत्या की गई। परिवार का आरोप है कि क्षितिज की शादी दो साल पहले यानी 2016 में पंचकूला की रहने वाली विपाशा के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही दोनों के बीच रिश्ते खराब होने लगे थे। परिवार का आरोप है कि विपाशा ने घर के लोगों को टॉर्चर करना शुरू कर दिया था। पती-पत्नी के बीच के रिश्तों की खटास रोज बढ़ रही थी।

इस बीच 18 अप्रैल को क्षितिज की मौत की खबर आ गई। क्षितिज के मौत के वक्त विपाशा घर में ही थी वो  लाश के बगल में करीब 4 घंटे तक गुमसुम बैठी रही। पति की मौत के बाद उसने परिवार वालों को ये कहा था कि क्षितिज अब नहीं रहा, इसके बाद वो चुप हो गई।

क्षितिज कुछ दिनों बाद ही कंपनी के काम से पेरिस जाने वाला था। परिवार क्षितिज की तरक्की से खुद थे, लेकिन उसकी मौत ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। परिवार बेटे की संदिग्ध मौत और उसकी पत्नी की चुप्पी पर परिवार सवाल खड़े कर रहा है, लेकिन अभी ये भी साफ नहीं हुआ है कि क्षितिज की मौत हुई है या हत्या।

उधर क्षितिज की पत्नी ने इस मौत को खुदकुशी बताया है। पुलिस ने भी अपने एक लिखित बयान में कहा है कि 18 अप्रैल करीब शाम चार बजे उन्हें वसंजकुज के मकान डी -8 से फोन आया था। पुलिस जब घर पर पहुंची तो क्षितिज की की बॉडी जमीन पर पड़ी थी, जिसे बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिस वक्त पुलिस ने लाश को अपने कब्जे में लिया था, तब क्षितिज के गले में फंदे के निशाना थे। लेकिन परिवार के आरोप के बाद ये मामला उलझ गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और गुत्थी हत्या और खुदकुशी के बीच अटकी हुई है।