वाराणसी हादसा: जांच समिति ने सीएम को रिपोर्ट सौंपी, ये थी हादसे की वजह

नई दिल्ली (18 मई): पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिरने से हुए हादसे को लेकर गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल को तत्काल हटाने का फरमान सुना दिया।राज्य सरकार की ओर से देर रात लगभग 12 बजे दी गई जानकारी के मुताबिक, जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। रिपोर्ट में सात अधिकारियों को दोषी पाया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी के खिलाफ लोक निर्माण विभाग कठोर दंडात्मक कार्रवाई करें।

अतंरिम रिपोर्ट में बताई गईं हादसे की ये वजहें

- वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का डिजाइन या ड्राइंग सक्षम विभागीय अधिकारी द्वारा अनुमोदित नहीं था।

- कॉलम के बीच में ढाली गईं बीमों को क्रॉस बीम्स से टाई नहीं किया गया था।

- ढाली गई बीम्स की गुणवत्ता की जांच अधिकारियों द्वारा नहीं की जा रही थी।

- ढाली गई कंक्रीट के निर्माण की भी कोई चेकलिस्ट उपलब्ध नहीं है।

- इंस्पेक्शन करने वाले अधिकारियों ने इंस्पेक्शन के बाद कोई कॉमेंट जारी नहीं की।

- फ्लाईओवर निर्माण के दौरान कार्यस्थल की बैरिकेडिंग नहीं की गई।

- फ्लाईओवर के नीचे से चलने वाले ट्रैफिक के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

- बीम्स की गुणवत्ता का कोई रिकॉर्ड उपल्ब्ध नहीं, बीम्स ढालने में इस्तेमाल सीमेंट, सैंड और ग्रिट का अनुपात मानक के रूप में था या नहीं, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं है।