मरने से पहले इस नौकर को मालिक ने बनाया करोड़पति

जावेद शेख, वडोदरा (21 जनवरी): वडोदरा में नौकर-मालिक के रिश्ते की अनोखी कहानी सामने आई है। हाल ही में डाहया के मालिक जेरामभाई पटेल का निधन हुआ, लेकिन मरने से पहले जेरामभाई पटेल अपने नौकर को करोड़पति बना गया।

दरअसल जेरामभाई पटेल देश के जाने-माने चित्रकार थे, लेकिन जिंदगी के आखिरी वक्त में अकेले पड़ गए और इसी वक्त में जेरामभाई का सबसे बड़ा सहारा बने रहे डाहया मारवाड़ी। डाहया जब 12 साल के थे तो गुजरात की एक यूनिवर्सिटी में तीन रुपये में पूरे दिन की मजदूरी किया करते थे। यहीं चित्रकार जेरामभाई पटेल से मुलाकात हुई।

जेरामभाई पटेल ने डाहया को अपने घर में डोमेस्टिक हेल्प के तौर पर रख लिया। बाद में जेरामभाई पटेल को पैरालिसिस हो गया और इस बुरे वक्त में डाहया भाई मारवाडी साए के साथ उनकी सेवा में लगा रहा। 42 साल तक उनकी सेवा करने के बाद जब दुनिया को छोड़कर जेराम गए तो अपनी संपत्ति से 1 करोड़ की रकम डाहया के खाते में जमा की। साथ ही अपने करोड़ों की कोठी में उसे हिस्सेदार भी बना दिया।

जेरामभाई के पास संपत्ति के तौर पर सबसे बड़ी अमानत उनकी पेंटिंग्स और स्कल्पचर ही थी। उन्होंने करोड़ों की इस अमानत को म्यूजियम को दे दिया जिसके बदले उन्‍हें 6 करोड़ रुपये मिले। उसी में से एक करोड़ डाहया भाई को दिए। नौकर मालिक के रिश्ते की ये कहानी सुनकर अब सब हैरान हैं।

देखिए पूरी रिपोर्ट:

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