हल में खुद जुतने का मजबूर यूपी का किसान

बिजनौर (22 जून): यूपी के बिजनौर से शर्मसार करने वाली ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसमें अन्नदाता की हालत जानवरों से भी बदतर नजर आ रही है। यहां एक छोर पर भैंसा तो दूसरे छोर पर लगकर खुद किसान खेत में जुतने को मजबूर है।


सालमाबाद के रहनेवाले किसान सीताराम के पास 8 बीघा जमीन तो है लेकिन उसे जोतने के लिए महज एक ही भैंसा इनके पास है। दूसरा भैंसा या बैल खरीदने के लिए इनके पास पैसे नहीं हैं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर भी जब कहीं से मदद नहीं मिली तो थक-हारकर सीताराम ने खुद ही दूसरे भैंसे की जगह लेने की ठानी।


सीताराम की एक हथेली का पंजा कटे होने की वजह से फिंगर प्रिंट नहीं हो सका। लिहाजा आधार कार्ड नहीं बना और पेंशन बंद हो गई। फसलें भी बार-बार दगा देती रहीं। नौबत यहां तक आ पहुंची कि भैंसे के साथ खुद हल में जुतने लगे। ताकि जिंदगी की गाड़ी किसी तरह खींच सकें। आजादी के 70 साल बाद भी एक इंसान को बैल की तरह खेत जोतना पड़ रहा है जो कि बेहद शर्मनाक है।