स्लो इंटरनेट की परेशानी होगी दूर, अब गुब्बारों के जरिए मिलेगा हाई स्पीड डेटा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 जून): सरकार ने गूगल के साथ साझेदारी करते हुए 400 रेलवे स्टेशनों को वाईफाई की सुविधा जरूर दे दी है। लेकिन आज भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जो इंटरनेट कनेक्टिविटी से अछूते हैं। खासकर गांवों में इस तरह की बहुत समस्याएं है। इसी के मद्देनजर समाधान के लिए उत्तराखंड सरकार ने नई योजना बनाई है। राज्य सरकार की इस पहल के कारण उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां गुब्बारों के जरिये यूजर्स को इन्टरनेट की सुविधा दी मिलेगी। आपको बता दें कि यहां राज्य सरकार ने एरोस्टेट इंटरनेट बैलून लॉन्च किया। जो वाईफाई सेवाओं को वितरित करने का एक नया तरीका है।जानकारी के लिए आपको बता दें कि पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज भी दूर-दराज के गांव सूचना व इंटरनेट तकनीक से अछूते हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में संचार सेवा के अभाव में आपदा के दौरान राहत कार्य में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।गौरतलब है कि इस इंटरनेट वाले बैलून के माध्यम से 7 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले लोग मोबाइल कनेक्टीविटी और इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे। मीडिया रिपोर्टेस के मुताबिक सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने आईटी मुम्बई के सहयोग से देश में पहली बार एरोस्टेट का सफल प्रयोग किया है।इसमें कनेक्टिविटी प्लेटफ़ॉर्म, स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस बैलून में वेदर स्टेशन, रेन गेज,नाइट विजन कैमरा आदि यंत्र लगे हुए हैं। एरोस्टेट बैलून एक आकाशीय प्लेटफार्म है, जिसमें हल्की गैस भरकर आसमान में छोड़ा जाता है। बैलून को एक रस्सी की सहायता से जमीन से जोड़ा जाता है, जिससे वह विभिन्न संयन्त्रों के साथ काफी समय के लिए बिना ईंधन के वायुमण्डल में लहराता है।