उत्तराखंड के अयोग्य ठहराए गए 9 विधायकों को SC से राहत, नहीं छोड़ना पड़ेगा सरकारी आवास

 

 प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (13 मई) :  सोचा था क्या, हुआ क्या। कुछ ऐसा ही हाल है उत्तराखंड विधानसभा से अयोग्य ठहराये गए नौ विधायकों का। जो हरीश रावत की सरकार गिरने के बाद मंत्री बनने का ख़्वाब सजा रहे थे, उनको आज अपना सरकारी आवास बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगानी पड़ी।

इन नौ लोगों ने देश की सबसे बड़ी अदालत के सामने गुहार लगायी कि जब तक मामला इस कोर्ट में लंबित है उनसे उनका सरकारी आवास खाली नहीं कराया जाए। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि सरकार उनसे उनका सरकारी आवास खाली करा रही है जिसपर तत्काल रोक लगायी जाय। साथ ही उन्हें विधायक के तौर पर मिलने वाली सुविधायें बहाल रखी जाय।

इस पर मामले की सुनवाई कर रही बेंच के जस्टिस शिवकीर्ति सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा कि आप वेतन की मांग नहीं कर सकते।

उत्तराखंड सरकार की पैरवी कर रहे वरिष्ट वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि सरकार ऐसा कुछ नहीं कर रही। बावजूद इसके अयोग्य ठहराये गए विधायकों के वकील ने कोर्ट से बार बार अनुरोध किया  कि कोर्ट इसके लिए आदेश पारित करे। इसपर कोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में इन विधायकों के अपील पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती इनसे न तो इनका सरकारी आवास खाली कराया जायेगा और न ही आवास में मिल रही सुविधायें हीं छिनी जायेंगीं ।