फिल्म 'पद्मावती' के विवाद में कूदे सीएम योगी, दिया ये बड़ा बयान

नई दिल्ली(16 नवंबर): फिल्म पद्मावती से जुड़ा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस पूरे विवाद पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया है। उन्होने कहा है कि ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिये, अपने निहित स्वार्थ में इतिहास से छेड़छाड़ नहीं किया जाना चाहिये। फ़िल्म ऐसी बने जो राष्ट्रीय जीवन, समाज को दिशा दे। ढंग की बनी फिल्मों को हम आगे बढ़ाएंगे। फ़िल्म सन्देश देने वाली बननी चाहिये, हमारे यहां निकाय चुनाव होने वाले हैं और हमारी प्राथमिकता है कि शांति पूर्ण तरीके से चुनाव हो किसी के निजी स्वार्थ के लिये हम इसकी इजाज़त नहीं दे सकते।

श्रीश्री रविशंकर के प्रयासों पर और योगी मोदी बीजेपी के एजेंट बताये जाने पर योगी ने कहा...

श्रीश्री रविशंकर को ना बीजेपी ने  ना सरकार ने और ना किसी और ने इस मामले में बात करने को अधिकृत किया है। उनसे मेरी मुलाकत कर्टसी मीटिंग थी अयोध्या में यूपी सरकार कोई पक्ष नहीं है। देखिए बातचीत से अगर मामला सुलझना होता तो बहुत पहले ही सुलझ गया होता। 

फिल्म पद्मावती विवाद पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह ने ये कहा...

इससे पहले उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह ने भी 1 दिसंबर को फिल्म के रिलीज होने पर हंगामे और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की बात कही। प्रमुख सचिव गृह ने पत्र लिखकर बताया है कि राज्य निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। 22, 26 और 29 नवंबर तीन चरणों में मतदान होना है। मतगणना की तारीख एक दिसम्बर 2017 है। दो दिसंबर को मुस्लिमों का पर्व बारावफात है। ऐसे में कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर 1 दिसंबर को फिल्म का रिलीज होना शांति व्यवस्था के हित में नहीं होगा। पद्मावती फ़िल्म से यूपी में हालात ख़राब हो सकते हैं, यूपी सरकार ने यही बात केन्द्र सरकार को बताई है। इन  तमाम  मुद्दों का हवाला देते हुए सेंसर बोर्ड को अवगत कराने का अनुरोध किया गया है।