रिटायर्ड दरोगा मृत बेटी के शव को घर में रखकर मानता रहा जिंदा, जल्द होगा मौत का खुलासा

Image Source Google

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(18 जून): घर में बेटी की लाश एक महीने तक पड़ी रही, लेकिन रिटायर्ड दरोगा उसे जिंदा ही मानता रहा है। करीब एक महीने तक शव को घर में रखे रहा। मामला मिर्जापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के हथिया फाटक मोहल्ले का है। सोमवार की सुबह रिटायर्ड दरोगा के घर से एक माह से मृत बेटी का शव निकाला गया। 

रिटायर्ड दरोगा और उनकी पत्नी बेटी को जिंदा मानकर शव रखे हुए थे। अलीगढ़ से आए दोनों बेटे शव दफनाने की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान दुर्गंध के चलते लोगों को घटना की जानकारी हुई। पुलिस के मुताबिक रिटायर्ड दरोगा, उसकी पत्नी मनोरोगी हैं। बेटी भी मनोरोगी थी, मृत्यु कैसे हुई इसका खुलासा अब पोस्टमार्टम से होगा।

क्षेत्र के हथिया फाटक निवासी दिलावर खान 2015 में आरटीसी चुनार से एसआई पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह मकान में पत्नी, अविवाहित पुत्री जीनत (30) के साथ रहते थे। दो पुत्र अनवर हुसैन और आफताब हुसैन अलीगढ़ में पढ़ाई कर रहे थे। तीन साल से वे घर नहीं आए थे। एक माह पूर्व मोहल्ले वालों ने पुलिस से शिकायत की थी कि दिलावर के मकान से दुर्गंध आ रही है।

 मोहल्ले वालों ने घर में शव होने की आशंका जताई थी। सूचना पर कटरा कोतवाली पुलिस पहुंची, लेकिन दिलावर ने पुलिस को घर के अंदर जाने से रोक दिया। इस बीच, रविवार की रात को उनके दो पुत्र अनवर और आफताब घर पहुंचे। पता चला कि उनकी बहन का शव पड़ा है।

परिवार में कुछ विवाद भी हुआ। सुबह परिवार के लोग शव दफनाने की तैयारी कर रहे थे कि दुर्गंध होने पर मोहल्ले वालों की भीड़ लग गई। सूचना पर नटवा चौकी प्रभारी वीपी सिंह मौके पर पहुंचे। कटरा कोतवाल  मनोज ठाकुर ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।रिटायर्ड दरोगा और उनकी पत्नी अर्ध विक्षिप्त हैं। घर वालों के आने पर पता चला कि युवती एक माह से मृत पड़ी है। पति-पत्नी मान रहे थे कि वे मृत नहीं है। एक बार दुर्गंध आने की शिकायत मिली थी। पुलिस घर गई तो रिटायर्ड दरोगा ने विरोध कर पूछा कि किस अधिकार से आए हैं। मौत प्राकृतिक रूप से हुई है। कारणों की जांच हो रही है।