BREAKING: यूपी पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया

priyankaन्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 जुलाई): सोनभद्र में हुई हिंसा को लेकर अब सियासी संग्राम शुरू हो गया है। हिंसा में पीड़ित परिजनों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं, प्रियंका गांधी ने कहा है प्रदेश में कानून व्यवस्था कहां है, मैं पीड़ित परिवारों से मिले बिना नहीं जाने वाली हूं। चुनार गैस्ट हाउस में भी प्रियंका गांधी का धरना प्रदर्शन  जारी है। उन्होंने कहा कि मुझे गिरफ्तार करके  यहां लाया गया है, ये राज्य सरकार की तानाशाही को दर्शाता है। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के  वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा है कि प्रियंका गांधी से बीजेपी घबराई हुई है। राजीव शुक्ला ने कहा कि प्रियंका गांधी को असंवैधानिक तरीके से गिरफ्तार किया गया, प्रियंका गांधी जब चार लोगों के साथ जाने के लिए तैयार थी तो फिर धारा 144 का उल्लंघन नहीं था। कांग्रेस के नेता अजयराय ने भी बीजेपी पर जमकर निशाना साधा, उन्होंने कहा हमें गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है। 

वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश के डीजीपी ने न्यूज 24 से बात करते हुए कहा है कि प्रियंका गांधी को हिरासत में नहीं लिया गया है, बल्कि उन्हें वहां जाने से रोका गया है। प्रियंका को रोके जाने के बाद  चुनार गैस्ट हाउस ले जाया गया है। 

 बता दें कि थोड़ी देर पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्‍त्री एयरपोर्ट पर पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और एयरपोर्ट से वह सीधा ट्रामा सेंटर पहुंची थी। बता दें कि प्रियंका गांधी सोनभद्र में घटना स्‍थल पर जा रही थी,  जहां दस लोगों को जमीन पर कब्‍जे के लिए गोलियों से भून दिया गया था। इससे पूर्व एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता अजय राय सहित कई कार्यकर्ता भी प्रियंका गांधी का स्‍वागत करने पहुंचे। लाेकसभा चुनाव से पूर्व रोड शो के बाद प्रियंका का यह पहला वाराणसी का दौरा था।

PRIYANKAवहीं ट्रामा सेंटर से प्रियंका का काफ‍िला जैसे ही मीरजापुर के रास्‍ते सोनभद्र रवाना हुआ वैसे ही नारायणपुर के पास उनको रोक दिया गया। रोके जाने के विरोध में प्रियंका और कांग्रेसी नेता मौके पर ही धरने पर बैठ गए। प्रियंका के धरना शुरु कर देने की सूचना के बाद प्रशासन के माथे पर बल पड़ गया और आला अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई।