यूपी में घुसने की तैयारी, कांग्रेस की बमबारी

नई दिल्ली (17 जुलाई): शीला दीक्षित पूरे लाव लश्कर के साथ मिशन यूपी के तहत आज लखनऊ जा रही है। यूपी कांग्रेस ने इस मौके पर लखनऊ में जोरदार तैयारी की है। कांग्रेस इस दौरे के बहाने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा ही है। अब सवाल ये उठता है कि क्या शीला दीक्षित के सहारे यूपी में कांग्रेस फिर से खड़ी हो पाएगी।

कांग्रस मिशन यूपी 2017 में पूरे दमखम से दांव आजमा रही है। संदेश देना चाहती है कि इसबार कांग्रेस बड़े प्लानिंग के साथ मैदान में है। शीला दीक्षित की एंट्री उसी बड़े प्लानिंग का हिस्सा है, जिसमें राहुल के साथ प्रियंका भी हैं और पूरी नई टीम, जिसकी एक झलक शीला दीक्षित की उम्मीदवारी की घोषणा के पहले दौरे में दिखाई पड़ रही है।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कई सालों से सत्ता से बाहर है, लेकिन विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर कांग्रेस गम्भीर दिखना चाहती है। इस गंभीरता को बरकरार और प्रभावी बनाते हुए आज शीला दीक्षित, राजबब्बर, गुलाम नबी आज़ाद समेत कांग्रेस की पूरी टीम लखनऊ पहुंच रही है। इन नेताओं के स्वागत की ज़ोरदार तैयारी की गयी है। होर्डिंग्स और बधाई सन्देश से मुख्यालय सजाया गया है, एयरपोर्ट से लेकर पुरे रुट पर स्वागत होर्डिंग्स है और कांग्रेस मुख्यालय में शीला दीक्षित समेत बड़े नेताओं की जनसभा के लिए पंडाल भी तैयार हो रहा है।

शीला दीक्षित के मैदान में उतर जाने के बाद हाशिए पर पहुंच चुकी यूपी कांग्रेस को फील गुड का एहसास हो रहा है। दरअसल कांग्रेस दिल्ली में बतौर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के काम का यूपी में फायदा लेना चाहती है। शीला का यूपी कनेक्शन पुराना है। वैसे तो शीला पंजाबी हैं, जो कपूरथला में पैदा हुईं। लेकिन उनकी शादी यूपी के ब्राह्मण नेता उमाशंकर दीक्षित के बेटे से हुई, इस लिहाज से शीला यूपी की बहू हैं। 

बहरहाल आज का दिन कांग्रेस के लिए किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं है, क्योकि इस शक्ति प्रदर्शन से कांग्रेस को ऐहसास हो जाएगा कि चुनावी दंगल में दीक्षित पर दाव आजमाना कितना फायदेमंद है और क्या यूपी में हाशिए पर पहुंच चुकी कांग्रेस शीला दीक्षित के सहारे यूपी में फिर से खड़ी हो पाएगी, क्योंकि उम्मीदावारी की घोषमा के बाद शीला दीक्षित का ये पहला दौरा है।