अपनी पहली परीक्षा में बुरी तरह फेल हुए 'यूपी के लड़के'

नई दिल्ली(12 मार्च): 15 साल बाद यूपी में बीजेपी की वापसी हुई। पूरे उत्तर प्रदेश में नरेन्द्र मोदी का जादू चला। और 'यूपी के लड़के' यानी अखिलेश और राहुल साथ साथ अपनी पहली ही परीक्षा में बुरी तरह फेल हो गए।

- अखिलेश ने अपनी रैली में कहा था कि जितने युवाओं ने स्मार्टफोन के लिए रजिस्ट्रेशन कराए हैं अगर वो सब भी वोट देंगे तो यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बन जाएगी, लेकिन नतीजे देखकर लगता है कि यूपी को ही नहीं, यूथ को भी ये साथ पसंद नहीं आया।

-मोदी की सूनामी में पूरा समाजवादी कुनबा बह गया। अखिलेश जीत के लिए सारे जतन किये... लाख दावे किये... लेकिन 6 महीने चला मुलायम कुनबे के झगड़े में वो साइकिल नहीं चला पाए।

- अखिलेश ने कबूतर उड़ने का जुमला उछाला बीजेपी के लिए था, लेकिन उल्टा पड़ गया। मुलायम और शिवपाल को दरकिनार करने का खामियाजा अखिलेश को कुर्सी गंवाकर भुगतना पड़ा। इसीलिए सपा की इतनी करारी हार के बाद भी शिवपाल मुस्कुराते दिखे।शिवपाल यादव ने कह भी दिया... कि ये समाजवादियों की नहीं, बल्कि घमंड की हार है।

- अखिलेश ने कई जगह मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया। उन्होंने चुनाव में विभीषण की भूमिका निभाई। टिकट बंटवारे में अखिलेश ने किसी की सलाह नहीं ली। इस वजह से उन्हें कभी ग्राउंड की सही जानकारी नहीं मिल पाई।

- जिस तरह देवबंद जैसी मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर भी बीजेपी की जीत हुई है... उससे साफ हो गया कि सपा का परंपरागत वोट बैंक भी इस बार छिटक गया।

- कुल मिलाकर यूपी के जय-वीरू साथ साथ अपनी पहली परीक्षा में ही बुरी तरह फेल हो गए। यूपी को ये साथ पसंद नहीं आया।