मायावती की मुश्किलें बढीं, गांव में हर भूमि आवंटन की होगी जांच

लखनऊ(24 जून): उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की मुश्किलें बढने वाली हैं। बसपा सुप्रीमो के गांव बादलपुर में अब तक हुए सभी तरह के जमीन आवंटन की जांच होगी। 


- ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन ने जमीन अधिग्रहण से लेकर लीज बैक और प्लॉट आवंटन की जांच के निर्देश डीएम को दिए हैं।


- डीएम को 30 जून तक जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार समेत कई बड़े नेता आ सकते हैं।


- मायावती के शासनकाल में बादलपुर में 2007-08 में अथॉरिटी ने जमीन का अधिग्रहण किया था। आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बाद प्लॉट अलॉटमेंट और लीज-बैक में बंदरबांट की गई।


- मायावती के भाई आनंद कुमार की कंपनी को 50,400 वर्ग मीटर जमीन कॉल सेंटर के लिए 2009-10 में अलॉट की गई थी, लेकिन अब भी वहां खेती हो रही है। जिला पंचायत की पूर्व चेयरमैन के ससुर और उनके भाइयों की जमीन अथॉरिटी ने अधिग्रहित की। 3 साल बाद इन्होंने मुआवजे का पैसा अथॉरिटी को वापस कर दिया और जीटी रोड की प्रमुख लोकेशन पर जमीन की लीज-बैक करवा ली। बाद में जमीन गाजियाबाद से बीएसपी विधायक सुरेश बंसल के बेटे की कंपनी को बेच दी गई। पूर्व मंत्री करतार नागर पर इसी तरह लीज-बैक करवाने के आरोप हैं।


- महाराष्ट्र, केरल समेत कई राज्यों के मंत्री, सांसद, विधायक, डॉक्टर, आईएएस, पीसीएस अफसरों और उनके रिश्तेदारों को स्थानीय पता लिखवाकर जमीन खरीदवा दी गई। बाद में जमीन लीज बैक हो गई। ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में जमीनों के लीज बैक घोटाले की जांच में यह खुलासा हुआ है। ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन डॉक्टर प्रभात कुमार ने बताया, 'जमीन अधिग्रहण से लेकर लीज बैक और प्लॉट अलॉटमेंट तक की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच डीएम बी. एन. सिंह करेंगे।'