काशी में बोले PM मोदी- इस चुनाव में अंक गणित को कैमिस्ट्री ने पराजित किया

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 मई): लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की और बाद में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। यहां पीएम मोदी ने कहा, काशी का मिजाज हर देश में देखा जा रहा था। काशी ने पूरी दुनिया को एक विश्वरूप दिखाया। काशी को लेकर मैं पूरी तरह निश्चिंत था। जब मतदान हो रहा था तब भी निश्चिंत था और जब मतगणना हो रही थी तब भी निश्चिंत था। इसीलिए तो मौज से जाकर केदारनाथ में बैठ गया। काशी में आप लोगों ने आने से मना किया था इसलिए केदारनाथ चला गया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी की जीत गुणा-भाग, गणित से अलग केमिस्ट्री है। जातिवादी राजनीति करने के लिए विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लेते हुए पीएम ने कहा कि यह चुनाव अंकगणित का नही केमिस्ट्री का था। उन्होंने कहा, 'देश में समाज शक्ति की केमिस्ट्री, आदर्शों और संकल्पों की केमिस्ट्री किसी भी अंकगणित को पराजित कर देती है।' पीएम ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की राजनीति में हमें अछूत समझा जाता है, जबकि हकीकत यह है कि पूरे देश में हमारा वोट प्रतिशत बढ़ रहा है।  

पीएम ने कहा, 'चुनाव परिणाम एक गणित होता है, लेकिन देश के राजनीतिक जानकारों को मानना होगा कि गणित के आगे भी एक केमिस्ट्री होती है। देश में समाज शक्ति की केमिस्ट्री, आदर्शों और संकल्पों की केमिस्ट्री किसी भी अंकगणित को पराजित कर सकती है।' उन्होंने कहा कि राजनीतिक पंडितों को सोचना पड़ेगा कि परसेप्शन क्रिएट करने वाली कोशिशों को भी पारदर्शिता और परिश्रम से हराया जा सकता है। पीएम ने कहा, 'हमारे लिए भी पारदर्शिता और परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। हम लोगों को लगता है कि सरकार और संगठन के बीच में तालमेल बहुत बड़ी ताकत होती है। बीजेपी ने सफलतापूर्वक इसे साकार किया है। सरकार नीति बनाती है और संगठन रणनीति बनाता है। नीति और रणनीति का तालमेल सरकार और संगठन के तालमेल का प्रतिबिंब होता है।'

उन्होंने कहा, 'जो स्नेह और शक्ति मुझे काशी ने दी है, वैसा सौभाग्य शायद ही किसी को मिला हो। यहां लोगों ने एक प्रकार से चुनाव को लोकोत्सव बना दिया। यहां अपनत्व का भाव बहुत ज्यादा था। दूसरे दलों के जो साथी मैदान में थे, उनका भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं सार्वजनिक रूप से अन्य उम्मीदवारों को धन्यवाद करूंगा। मैं मीडिया जगत के साथियों का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं। यहां जब कार्यकर्ताओं से मिलना हुआ था, तो मैंने कहा था कि भले ही नामांकन एक नरेंद्र मोदी का हुआ होगा, लेकिन चुनाव लड़ने का काम हर घर के नरेंद्र मोदी ने किया। इस पूरे चुनाव अभियान को आपने बेहतर ढंग से चलाया। इस प्रकार का चुनाव होता है तो लगता है कि अब तो जीतने ही वाले हैं। मैं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इस चुनाव को जय-पराजय से नहीं तोला और इसे लोक शिक्षा का पर्व माना।'

पीएम ने बताया, 'यहां की बेटियों ने जो स्कूटी निकाली उसकी सारे देश में चर्चा है, यहां की बेटियों ने पूरी काशी को अपने सिर पर ले लिया था। आज कोई रोडशो नहीं था, लेकिन फिर भी लोग सड़कों पर अपना आशीर्वाद देने पहुंचे। आज मैं भले ही काशी से बोल रहा हूं, लेकिन पूरा उत्तर प्रदेश अभिनंदन का अधिकारी है। आज यूपी लोकतंत्र की नीवं को और मजबूत कर रहा है। यूपी ने 1977 में सभी बंधन तोड़कर देश को दिशा दी थी। लेकिन 2014, 2017 और 2019 की हैट्रिक छोटी नहीं है। यहां के लोग भारत के भविष्य की दिशा तय भी करता है। यूपी के 14, 17 और 19 के चुनावों ने देश को व्यवस्था में बदलाव के दर्शन कराए हैं। अब भी राजनीतिक पंडितों की आंख नहीं खुलती हैं तो इसका मतलब है कि उनकी सोच 21वीं सदी की नहीं बल्कि पुरानी की सदी की है।'

पीएम ने कहा, 'इस देश में समान्य वर्ग के लोगों को अपने हक के लिए इतना इंतजार करना पड़ा। लेकिन वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसा नहीं किया गया। हमने वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठने का काम किया है। हम वोट बैंक की राजनीति पर चलते विकास संभव नहीं होता। कौन किस जाति धर्म का है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।'  पीएम ने कहा, 'ऋषियों, आचार्यों, किसान, मजदूर, शिक्षक ने इस व्यवस्था को विकसित किया है। हम दो बातों को लेकर चलने का प्रयास करते हैं। विरासत और आधुनिकता को। अयोध्या में दिवाली मनाने से कौन रोकता था। कुंभ के बारे में खराब परसेप्शन बनाया गया। 26 जनवरी को विजयपथ पर पहली बार भगवान राम को किस तरह से देखा जाता है वह लोगों ने देखा। हम संस्कृति को जितना महत्व देते हैं, उसी तरह आधुनिकता का भी महत्व है। जरूरी नहीं है कि पुराना तोड़कर ही नया बनाया जा सकता है।'उन्होंने कहा, 'दूसर संकट है कि बाबा साहेब और गांधी जी ने छुआछूत को खत्म करने में अपनी जिंदगी लगा दी, लेकिन हमारे साथ राजनीतिक छुआछूत की जाती है। जो लोग अपने आप को एकता का ठेकेदार बताते हैं, उन्होंने आंध्र का विभाजन किया। वहां आज भी शांति का माहौल नहीं बन पाया है। हमने यूपी से उत्तराखंड बनाया, लेकिन शांति कायम रही। छत्तीसगढ़, झारखंड बने लेकिन शांति भंग नहीं हुई। लेकिन हमें छुआछूत का शिकार होना पड़ा।' पीएम ने कहा, 'ऐसी सोच वाले लोगों से मैं फिर से विचार करने का निवेदन करता हूं। कमियां हम में भी होंगी, लेकिन हमारे इरादे नेक हैं। कोई कुछ भी कह ले, आज देश के राजनीतिक तत्व में ईमानदारी से लोकतंत्र के साथ जीने वाला दल है तो वह बीजेपी है। हमें सत्ता मिलती है तो विपक्ष का असतित्व शुरू होता है। मैं चुनौती देता हूं कि कोई मुझे बताए कि त्रिपुरा में 30 साल तक कम्युनिस्ट सरकार थी, क्या वहां कोई विपक्ष था? हमें वहां 2 साल ही हुए हैं, वहां जानदार विपक्ष है।'

लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले प्रधानमंत्री मोदी बाबा विश्वनाथ का आर्शिवाद लिया। नरेंद्र मोदी 30 मई को लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। आपको बता दें कि प्रचंड बहुमत से 17वीं लोकसभा चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का ये पहला वाराणसी दौरा है।