मुजफ्फनगर दंगा मामले में 18 केस वापस लेगी योगी सरकार, जिला प्रशासन को दिया आदेश

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (29 जनवरी): उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जिला प्रशासन को 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े 131 मामलों में से 18 केस वापस लेने के लिए का फैसला किया है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक इस सिलसिले में जिला प्रशासन को आदेश दे दिया गया है और जल्द ही इस सिलसिले में कोर्ट में कार्रवाई शुरु की जाएगी। इन मामलों में बीजेपी के कई मंत्री और नेताओं के नाम की शामिल हैं, हालांकि जिन मामलों को वापस लिया जा रहा है उनमें बीजेपी नेताओं के नाम नहीं हैं ।

जानकारी के मुताबिक राज्‍य सरकार ने जिले के अधिकारियों से इस मामले में न्‍यायालय से संपर्क करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक यूपी के विधि विभाग के विशेष सचिव जेजे सिंह ने मुजफ्फर नगर के डीएम राजीव शर्मा को मामले वापस लेने का आदेश दिया है। लखनऊ से मिले आदेश के बाद जिले की मशीनरी इस मामले को लेकर हरकत में आ गई है। अधिकारियों ने मामलों को वापस लेने के लिए कोर्ट जाने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार इन 18 मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (दंगा भड़काने), 148( सशस्‍त्र हथियारों के साथ उपद्रव करने) और 397 (हत्‍या के प्रयास) के तहत मामले दर्ज हैं।

राज्य सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े 125 मामलों का ब्योरा मांगा था। एडीएम अमित कुमार ने बताया कि अदालतों में लंबित केस वापस लेने की संभावनाओं की समीक्षा के लिए यह ब्योरा मांगा गया था। इन 125 मामलों में सांसद संजीव बालियान और भारतेंद्र सिंह, विधायक संगीत सोम और उमेश मलिक सहित कई भाजपा नेता भी नामजद हैं। योगी सरकार के मंत्री सुरेश राणा और हिंदुवादी नेता साध्वी प्राची भी आरोपी हैं। हालांकि, वापस लिए जाने वाले 18 केसों में किसी भाजपा नेता का नाम नहीं है।