यूपी: 12400 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती रद्द, सभी भर्तियों की CBI जांच के आदेश

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (2 नवंबर): इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। लखनऊ बेंच ने 12 हजार 400 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती को रद्द कर दिया है। इन भर्तियों को अनियमितता की वजह से रद्द किया गया है। साथ ही करीब साढ़े अडसठ हजार टीचरों की भर्ती अब जांच के दायरे में आ गई है। आपको बता दें कि इसी साल योगी सरकार में ये भर्तियां की गई थीं।

दिसंबर 2016 में सहायक शिक्षकों के 12460 पदों पर की गई भर्ती को नियमों के विरुद्ध करार देते हुए गुरुवार को निरस्‍त कर दिया। कोर्ट ने एक दूसरे निर्णय में प्रदेश के प्राइमरी स्‍कूलों में सहायक शिक्षकों के 68500 खाली पदों पर की गई भर्ती की पूरी प्रक्रिया को सीबीआई जांच के आदेश दे दिए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के पहले पन्ने पर अंकित बार कोड अंदर के पन्नों से मेल नहीं खा रहे हैं। न्यायालय ने तब ही इस पर हैरानी जताते हुए कहा था कि उत्तर पुस्तिकाएं बदल दी गई हैं।

कोर्ट ने ये भी निर्देश दिए कि इस भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी साबित होने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सक्षम प्राधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए. कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में अपनी प्रगति रिपोर्ट 26 नवंबर को पेश करने के आदेश देने के साथ-साथ मामले की जांच छह महीने में पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।

यही नहीं सरकार की तरफ से कोर्ट में ये कहा था कि दोषी अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे ,जिसके बाद तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाकर मामले की जांच करने का दावा भी सरकार की ओर से किया गया जांच कमेटी के रवैये पर न्यायालय ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को स्क्रूटनी में रखा गया था। उनके भी चयन पर अब तक निर्णय नहीं लिया गया। जांच कमेटी के सदस्यों पर ऐतराज न्यायालय ने कहा कि जांच कमेटी में दो सदस्य बेसिक शिक्षा विभाग के ही हैं...21 दिसंबर 2016 को अखिलेश यादव सरकार ने विज्ञापन जारी करके सहायक शिक्षकों की भर्ती की थी।


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