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VIDEO: बीच सड़क पिटती रही युवती, मूकदर्शक बने रहे लोग

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य में कानून व्यवस्था का दावा करती है। इस मुद्दे पर बीजेपी राज्य में लोगों से वोट भी मांग रही है। लेकिन बीच चुनाव लगता है कि यहां बदमाशों में कानून व्यवस्था कोई खौफ नहीं है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 मई): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य में कानून व्यवस्था का दावा करती है। इस मुद्दे पर बीजेपी राज्य में लोगों से वोट भी मांग रही है। लेकिन बीच चुनाव लगता है कि यहां बदमाशों में कानून व्यवस्था कोई खौफ नहीं है। यहां अपराधी प्रवृति लोग बेखौफ नजर आ रहे हैं और पुलिस प्रशासन सुस्त दिख रहा है। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा का है। यहां के बीच सड़क एक लड़की की पिटाई होती रही लेकिन बदमाशों की खौफ की वजह से कोई भी उसे बचाने आगे नहीं आया। पूरा मामला यहां के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के कौशल्या रेजीडेंसी की है।

बताया जा रहा है कि पीड़िता यहां एक दफ्तर में नौकरी करती थी। उसकी गलती बस उतनी थी उसने अपने मालिक से सैलरी की मांग कर दी। इससे खफा होकर उसके दफ्तर के मालिक ने अपने साथियों को साथ बीच सड़क उसपर लाठी और डंडों से टूट पड़ा। इतना ही ने दबंगों ने लात-घूसों से भी पिटाई की। बीच सड़क लड़की आरोपियों से रहम की गुहार लगाता रहा। लेकिन जबतक पीड़िता अधमरी नहीं हो गई तक ये लोग नहीं रूके। पीड़िता आसपास तमाशबीन बने लोगों से मदद की अपील करती रही लेकिन कोई भी उसे बचाने के लिए आगे नहीं आया।

-बताया जा रहा है कि पीड़िता नालेज पार्क इलाके में स्थित वीनस यूनिसेक्स सेलून में बतौर मेकअप आर्टिस्ट काम करती थी। पीड़िता का आरोप है कि सेलून का मालिक उसे उसकी सेलरी नहीं दे रहा था जिसको लेकर वो कई बार उनसे बोल चुकी थी, लेकिन वो सैलरी देने का नाम नहीं ले रहे थे। 

-बताया जा रहा है कि रविवार को युवती जब अपनी सेलरी मांगने आई तो उसके साथ सेलून मालिक भसीम और उसके साथियों ने जमकर मारपीट की। साथ ही पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है जिसको लेकर वो एसएसपी दफ्तर के चक्कर काट रही है। पूरे मामले का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रेटर नोएडा पुलिस को भी पूरे मामले की जानकारी है। 

-जानकारी के मुताबिक उसने मामला भी दर्ज कर लिया है। ग्रेटर नोएडा पुलिस का दावा है कि आरोपियों को पकड़ने की कोशिश भी की जा रही है। लेकिन अबतक उसे कोई खास सफलता हासिल नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आरोपियों की रसूख के आगे ग्रेटर नोएडा पुलिस लाचार है।

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