अब यूपी में राम जी लगाएंगे कांग्रेस की नैय्या पार ?

अशोक तिवारी, न्यूज 24 ब्यूरो, लखनऊ (14 सितंबर ): उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भगवान राम बहस का बड़ा मुद्दा बनने जा रहे हैं ,एक तरफ भाजपा अयोध्या में भगवान श्री राम की प्रतिमा लगवाने की तयारी में है तो वहीँ अब कांग्रेस भी हिन्दतुत्व की सियासत में उतरती हुई दिखने लगी है। 


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर की एक चिठ्ठी ने कांग्रेस के भगवान श्री राम के प्रेम को उजागर किया है ,जिसमे कहा गया है की अब कांग्रेस प्रदेश में भगवान राम की रामधुन गाती हुई प्रभातफेरी निकालेगी ,तो क्या अब प्रदेश में भगवान राम के सहारे अपनी सियासी नैय्या पार लगाने की कोशिश हो रही है।

वैसे तो अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट में है ,लेकिन समय समय पर राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा सरकार पर दबाव बनता रहता है ,इस बीच भाजपा अयोध्या में भगवान राम की १५१ फीट ऊँची प्रतिमा लगवाने की तैयारी में जुटी है जगह चयनित हो रही है ,सरयू तट पर प्रतिमा लगाई जाएगी ये करीब करीब तय है ,प्रदेश में भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिंदुत्ववादी सियासत को धार दी है ,उनके निर्णय भी हिंदुत्व वादी नजर आते हैं।

ऐसे में चुनावी वर्ष में अब कांग्रेस भी खुद को रामभक्त दिखाने में जुट गयी है ,कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने पार्टी के सभी जिला शहर अध्यक्षों को पत्र लिखकर बड़ा सियासी दांव खेला है ,राजबब्बर ने पत्र में लिखा है की आगामी 25 सितंबर 2018 से 1 अक्टूबर 2018 तक हर रोज सभी कोंग्रेसी प्रदेश में भगवान राम के नाम की रामधुन गाते गाते हुए प्रभात फेरी निकालेंगे ,यानी अब कांग्रेस भी रामनाम की राजनीती में कूदती हुई नजर आ रही है। लेकिन जब कांग्रेस से इस बाबत सवाल पूछा गया तो उनका कहना है की इसके पीछे कोई राजनैतिक वजह नहीं है ,भगवान सबके है।

सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बड़े सियासी तौर पर खुद राहुल गाँधी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा करके कांग्रेस को हिंदुत्ववादी साबित करने की कोशिश की है , मध्य मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस ने बीते दिनों  बड़े कार्यक्रमों के माध्यमों से ये संकेत देने की कोशिश है कि उनका भी नाता राम और अन्य भगवानों के साथ- साथ हिंदुत्व से है।

इसीलिए  चुनरी यात्रा निकाली गई, भगवान राम वनगमन यात्रा की तयारी है ,अब भाजपा कांग्रेस के रामप्रेम पर चुटकी ले रही है ,भाजपा का कहना है की चलो इसी बहाने कांग्रेस भगवान राम का नाम लेकर अपने पापों का प्रायश्चित करेगी ,और रही बात प्रभात फेरी की तो पहले कांग्रेस ये बताये की प्रभात फेरी में लोग कहाँ से लाएगी ,क्योकि कांग्रेस के पास अब जनता है की नहीं।

बहरहाल अब कांग्रेस की रणनीति में बदलाव नजर आने लगा है। माना जा रहा है की  अब कांग्रेस वर्ष 2019 की वैतरणी शायद राम नाम के सहारे ही पार करना चाहती है और उसकी शुरुआत जल्द होने वाली है। हलाकि इसे हिंदुत्ववादी सियासत के दबाव के तौर पर भी देखा जा रहा है।