गुजरात-झारखंड के बाद अब यूपी में भी गरीब सवर्णों को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 जनवरी): गुजरात और झारखंड के बाद अब उत्तर प्रदेश में गरीब सवर्ण आरक्षण को लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक में गरीब सवर्ण को 10 फीसद आरक्षण के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। योगी कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 14 जनवरी से 10 फीसदी गरीब सवर्ण आरक्षण लागू होगा। आपको बता दें कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सवर्ण आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी करने के बाद गुजरात ने सबसे पहले अपने राज्य में इसे लागू किया। इसके बाद झारखंड ने लागू किया।

आपको बता दें कि आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे सामान्य वर्ग परिवार इस आरक्षण के हकदार होंगे जिनकी सालाना कमाई 8 लाख रुपए से कम होगी, जिसके पास 5 हेक्टेयर से कम जमीन होगी, जिनका घर 1000 स्क्वेयर फीट से कम क्षेत्रफल का हो, अगर घर नगरपालिका में होगा तो प्लाट का आकार 100 यार्ड से कम होना चाहिए और अगर घर गैर नगर पालिका वाले शहरी क्षेत्र में होगा तो प्लाट का आकार 200 यार्ड से कम होना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसद आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। इसके अलावा एक जिला एक उत्पाद योजना में मार्केटिंग और ढुलाई के लिए मिलेगी सहायता। आबकारी विभाग में अतिरिक्त आमदनी पर लगे कर से क़रीब 165 करोड़ रुपए निराश्रित गोवंश के मद में होगा उपभोग। मुग़लसराय तहसील का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर। फ़ेल हो चुके 1101 नलकूपों को फिर से रीबोर करेंगे जबकि 2000 नये नलकूप लगेंगे। मंत्रियों को एक करोड़ रूपये तक की परियोजना संस्तुत करने के लिए कैबिनेट के अनुमोदन की ज़रूरत नहीं होगी। सवर्णों के लिए आरक्षण लागू करने वाला उत्तर प्रदेश चौथा राज्य बन गया है।समाज कल्याण विभाग ने सरकारी नौकरियों व सभी तरह की शिक्षण संस्थाओं (अल्पसंख्यक छोड़कर) में प्रवेश में गरीबों को आरक्षण देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।