UP: 16 लाख राज्य कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर

नई दिल्ली(10 अगस्त): आज से यूपी के 16 लाख कर्मचारी 3 दिन के हड़ताल पर रहेंगे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद (हरिकिशोर तिवारी गुट) का दावा है कि हड़ताल के चलते शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, कृषि, समाज कल्याण, परिवहन और पीडब्ल्यूडी आदि विभागों में काम ठप रहेगा। 

-परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी का कहना है कि कैशलेश इलाज, एचआरए, केंद्र के समान भत्तों, प्रमोशन सहित विभिन्न मुद्दों पर बार-बार सहमति के बावजूद भी अब तक यह मांगें पूरी नहीं की गई हैं।

-तिवारी ने बताया हड़ताल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं। अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, नर्स, वार्ड बॉय, ऑप्थेलमोलॉजिस्ट तीन घंटे तक काम नहीं करेंगे। पैथॉलजी, एक्स-रे, आंख संबंधित जांचें सुबह आठ बजे से 11 बजे तक नहीं हो पाएंगी। सिविल, बलरामपुर, आरएमएलआई, आरएलबी, बीआरडी में मरीजों को ज्यादा परेशानी होगी।

-उन्होंने बताया कोरे आश्वासन मिलने से कर्मचारियों में रोष है। ऐसे में हड़ताल पर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। उनका कहना है कि दो-तीन महीने में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके बाद आचार संहिता लागू होने के चलते कोई काम नहीं हो सकेगा। इसलिए हमारे साथ करीब 150 संगठन हड़ताल में हिस्सेदारी कर रहे हैं। इसमें माध्यमिक शिक्षक संघ का चेतनारायण गुट भी शामिल है।

ये हैं मांगे

•केंद्रीय कर्मचारियों के समान एचआरए।

•पूर्व में की गई सेवाओं तदर्थ अंशदायी, सामयिक, वर्कचार्ज, दैनिक वेतन, अतिथि वक्ताओं की अवधि को जोड़कर पेंशन का लाभ दिया जाये।

•चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों को पुनर्जीवित किया जाये।

•पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।

•फील्ड कर्मचारियों को काम के आधार पर मोटर साइकल भत्ता दिया जाए।

•ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म कर सीधी भर्ती शुरू हो।

यह मांगे हैं पेंडिंग

•सभी राज्य कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाए।

•सफाईकर्मियों को प्रधानों से मुक्त कर प्रोन्नति दी जाए।

•नायब तहसीलदार के पदों पर राजस्व संग्रह अमीनों की सीधे प्रोन्नति दी जाये।