नक्सलियों की खैर नहीं, बस्तर को मिली पहली महिला CRPF ऑफिसर

नई दिल्ली(12 जनवरी): छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से नक्सली हमले और मुठभेड़ की खबरें आती रहती हैं। लेकिन आज बस्तर जिले से एक अच्छी खबर आ रही है।

- नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में पहली बार किसी महिला ने सीआरपीएफ बटालियन-80 में असिसटेंट कमांडेंट के पद पर कार्यभार संभाला है।

- उषा किरण नाम की महिला को इस पद पर नियुक्त किया गया है।

- बस्तर में किसी महिला अधिकारी के पदभार संभालने से सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ गया है।

- उषा किरन का कहना है कि आदिवासी और यहां की महिलाएं पुरुष जवानों से डरे हुए रहते हैं लेकिन उनके साथ ये लोग ज्यादा सहज महसूस करते हैं।

- बस्तर में अपना पद संभालने के बाद किये अपने पहले अभियान से मिले अनुभव के बारे में उषा ने बताया, 'आंतरिक दुरूह अंचल में बसे ग्राम भडरीमऊ (दरभा क्षेत्र) मैं अपने दल के साथ गई थी, जहां पहुंचने के लिए मुझे 20 किलोमीटर का रास्ता पैदल ही तय करना पड़ा। उस गांव में जब मैं पहुंचीं, तब मेरा मन यह देखकर खुश हुआ कि गांव की आदिवासी महिलाएं मुझको देखकर अपने-अपने घरों से बाहर निकल आईं और उन महिलाओं के चेहरे पर प्रसन्नता की झलक साफ दिखाई पड़ रही थी।'

- उषा का कहना है कि वे बस्तर आना चाहती थीं क्योंकि मैनें सुना था की बस्तर के निवासी बहुत गरीब हैं और वे भोले भाले हैं। यहां विकास नहीं हो पाया है इसी कारण मुझे यहां आने की प्रेरणा मिली।

- उन्होनें बताया कि वे 332 महिला बटालियन में थीं। उन्हें आगामी सेवा के लिए तीन विकल्प दिए गए थे जिसमें उन्होनें बस्तर आना स्वीकार किया।

- उषा किरन सीआरपीएफ में तीसरी पीढ़ी की अधिकारी हैं। उनके दादा और पिता भी सीआरपीएफ में रह चुके हैं। उनके भाई भी सीआईएसएफ मे हैं।