पठानकोट हमला: अमेरिका ने भारत को सौंपा 1000 पन्नों का डोजियर

प्रशांत देव, नई दिल्ली (30 जुलाई): पठानकोट हमले पर भारत के सबूतों को नकारते रहे पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने पठानकोट हमले के सिलसिले में एनआईए को एक डोजियर सौंपा है। अमेरिका के डोजियर में इस बात का साफ साफ खुलासा किया गया है कि पठानकोट हमले की साजिस पाकिस्तान में रची गई थी। अमरीका ने एनआईए को एक हजार पन्नों का डोजियर सौंपा है।

पहले आतंक के आका ने पाक को बेपर्दा किया। फिर जिंदा आतंकी ने पाकिस्तान के पाप की गवाही दी और अब अमेरिका ने पाकिस्तान के घिनौने चेहरे को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है। अमेरिका ने इस बार एक ऐसा खुलासा किया है, जिससे बेशर्म पाकिस्तान अब तक इनकार करता आ रहा था। 

अमेरिका ने भारत को पठानकोट हमले के मामले में पाकिस्तान के खिलाफ अहम सबूत सौंपे हैं। अमेरिका ने भारतीय खुफिया एजेंसी एनआईए को 1000 पन्नों का डोजियर सौंपा है, जिसमें पाकिस्तान के पाप का काला चिट्ठा है। डोजियर में इस बात का खुलासा हुआ है कि---

1000 पन्नों में पाक का नया 'पाप'! जनवरी 2015 में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में पाकिस्तान का हाथ है। टेरर अटैक की नापाक साजिश पाकिस्तान में ही रची गई थी। और इस हमले को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने अंजाम दिया था।
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दरअसल-इसी साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 6 दहशतगर्दों ने हमला किया था। हमले में 7 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले का मास्टर माइंड जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर था। ये वही मसूद अजहर है, जिसे 1999 में भारत ने कांधार प्लेन हाईजैक केस में पैसेंजरों की रिहाई के बदले छोड़ दिया था। 

हिंदुस्तान पठानकोट हमले के बाद से ही इस बात का सबूत पेश करता आ रहा है कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ है, लेकिन पाकिस्तान ये बात मानने को तैयार नहीं था। इस पर एनआईए ने अमेरिका से आतंकियों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा मांगा था। अब अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ सबूत पेश किया है।

1000 पन्नों के डोजियर में जैश-ए-मोहम्मद का हैंडर कासिफ जान और 4 फिदायीन आतंकियों के बीच हुई बातचीत की डिटेल्स है। इसके मुताबिक फिदायीन आतंकी नासिर हुसैन, अबू बकर, उमनर फारूक और अब्दुल कयूम 80 घंटों तक अपने आकाओं के संपर्क में थे। कासिफ व्हाट्सएप्प पर चैटिंग के अलावा फेसबुक के जरिए अपने आतंकी गुर्गों से बातचीत कर रहा था। ये फेसबुक अकाउंट उसी नंबर से कनेक्टेड था, जिससे हमलावरों ने एसपी सलविंदर सिंह को किडनैप करते वक्त फोन किया था।

अमेरिकी के डोजियर में पाक आतंकियों और उनके हैंडलर के बीच जिस बातचीत का जिक्र है, वो बातचीत वैसी ही है, जैसी 2008 में मुंबई हमलों से पहले लश्कर के आतंकियों के बीच हुई थी। उस वक्त लश्कर के आतंकी कराची के सुरक्षित ठिकाने पर बैठकर भारत में लोगों को मारने की स्क्रिप्ट लिख रहे थे। आतंकियों के बीच बातचीत से ये साफ होता है कि 2008 में मुंबई को दहलाने वाले आतंकी ही पठानकोट में भी खूनी खेल खेल रहे थे।

चंद दिनों पहले आतंकी हाफिज ने कबूल किया था कि कश्मीर में हुई हिंसा उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। वहीं कुपवाड़ा में पकड़ा गया जिंदा आतंकी बहादुर अली ने भी कबूल किया कि उसे आतंक के अंकल हाफिज ने भारत भेजा। और अब अमेरिका ने पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है। इस वक्त पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तरकस में तीन तीर हैं। 

आने वाले 3 और 4 अगस्त को पाकिस्तान में सार्क देशों का शिखर सम्मेलन होने वाले है। इसमें गृहमंत्री राजनाथ भी शामिल होंगे। ऐसे में भारत अपने तरकस में मौजूद इन सबूतों के आधार पर पाकिस्तान को घेर सकता है। जिससे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान का घिनौना चेहरा एक बार फिर से बेनकाब हो जाएगा।