अब यूएस जाना हुआ ज्यादा मुश्किल, देना होगा 15 साल का ट्रैवल रिकॉर्ड

नई दिल्ली (1 जून): अब अमेरिका जाने की सोच रहे लोगों को वहां का वीजा मिलना काफी मुश्किल होगा। ट्रंप प्रशासन ने नए क्वेश्चनायर को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत वीजा एप्लीकेंट्स से 5 साल का सोशल मीडिया और 15 साल तक का बायोग्राफिकल रिकॉर्ड की डिटेल मांगी जा सकती है।

23 मई को इस नई प्रॉसेस को ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट और बजट ने मंजूरी दी थी। जिसके बाद अमेरिका का वीजा पाने वाले पाकिस्तानी नागरिकों में 40% कमी आई है। वहीं, वीजा पाने वाले भारतीय नागरिकों में 28% बढ़ोतरी हुई है।

क्या इन्फॉर्मेशन मांग सकते हैं अधिकारी...

- सभी पुराने पासपोर्ट नंबर, ई-मेल एड्रेस और फोन नंबर, 5 साल का सोशल मीडिया रिकॉर्ड मांगा जा सकता है।

- 15 साल की ट्रैवल हिस्ट्री, एड्रेस और इम्प्लॉयमेंट रिकॉर्ड के बारे में भी सवाल कर सकते हैं।

- ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट ने नई प्रॉसेस को 3 साल की बजाय 6 महीने के लिए अप्रूव किया है। ऐसा इमरजेंसी अप्रूवल के तहत किया गया है।

- नए क्वेश्चनायर का एजुकेशन डिपार्टमेंट और एकैडमिक ग्रुप्स ने विरोध किया था।

- उनका कहना था कि नई प्रॉसेस बेहद परेशान करने वाली और लंबी है। ये अमेरिका आने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स और साइंटिस्टों में निराशा भरेगी।