'हिंदू स्टडीस' के लिए अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने करोड़ों रुपए का अनुदान अस्वीकारा

नई दिल्ली (23 फरवरी): यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया इरविन (यूसीआई) ने स्कॉलर्स और छात्रों के विरोध के चलते 3 मिलियन डॉलर (20.56 करोड़ रुपए) का अनुदान ना लेने का फैसला किया है। यूसीआई ने भारतीय अमेरिकी नॉन-फॉर-प्रॉफिट बॉडी धर्मा सिविलाइजेशन फाउंडेशन (डीसीएफ) की तरफ से अनुदान के प्रस्ताव से मना कर दिया है।

'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी की एक फैकल्टी कमिटी ने फाउंडेशन के साथ समझौते की समीक्षा करने के बाद उस योजना को खत्म करने का तुरंत फैसला किया। जो हिंदूवाद और भारतीय अध्ययन की दो चेयर्स के लिए लिया गया। इसके अलावा सिखवाद और जैनवाद की दो चेयर्स की भी समीक्षा करने का फैसला किया गया। जिसको मिलाकर अलग से कुल अनुदान 3 मिलियन डॉलर था। 

बताया जा रहा है कि यह कदम स्कॉलर्स और छात्रों की तरफ से की जाने वाली आलोचनाओं के बाद उठाया गया है। जिसमें पाया गया कि फाउंडेशन की तरफ से जो शर्तें रखी गईं वे अकादमिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करती थीं। फैकल्टी कमिटी ने फाउंडेशन को 'चरम विचारधारावादी' माना और उनकी धारणाएं 'चरम दक्षिणपंथी' थीं।

जैसे ही विवाद खड़ा हुआ, फाउंडेशन ने कहा कि वह यूनिवर्सिटी के साथ समझौते की समीक्षा के लिए तैयार था। लेकिन फैकल्टी रीव्यू कमिटी ने फैसला किया कि फाउंडेशन की तरफ से मिलने वाला अनुदान स्वीकार्य नहीं था। नई शर्तों पर भी नहीं।