भारत को हिफाजत का पूरा हक, 73% कम कर दी पाक की मदद : अमेरिका

नई दिल्ली ( 19 अक्टूबर ) : अमेरिका ने एलओसी क्रॉस करके सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने को बिल्कुल सही कदम बताया है। उसने ये भी कहा है कि आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा। भारत में अमेरिकी एम्बेसडर रिचर्ड वर्मा ने एक इंटरव्यू में कहा कि उड़ी हमले के बाद से ही दोनों देश टच में थे। अमेरिका हालात पर नजर बनाए हुए था। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद 73% कम कर चुका है। 

एक अंग्रेजी को अखबार को दिए इंटरव्यू में रिचर्ड वर्मा ने कई मुद्दों पर बात की। वर्मा ने माना कि उड़ी हमले के वक्त वो अमेरिका में थे और उन्हें नाजुक हालात को देखते हुए फौरन भारत लौटना पड़ा था। वर्मा ने कहा कि हमले के बाद से ही भारत और अमेरिका के एनएसए और फॉरेन मिनिस्टर्स टच में थे। अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने भारत को पूरा सपोर्ट देने का वादा किया था। हम जानते हैं कि भारत क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म का शिकार है।   साथ ही रिचर्ड ने कहा कि हाल के महीनों में भारत और अमेरिका ने आंतकवाद के खिलाफ एक्शन लेने के लिए काफी इन्फॉर्मेशन शेयर की हैं। अमेरिका ने भारत के 2500 अफसरों को साइबर ऑपरेशन की भी ट्रेनिंग दी है।

पाकिस्तान पर सख्त रहेंगे एक सवाल के जवाब में वर्मा ने कहा कि प्रेसिडेंट ओबामा, फॉरेन और डिफेंस मिनिस्टर्स के अलावा अमेरिका के एनएसए भी पाकिस्तान पर सख्ती दिखा रहे हैं। हमने साफ कहा है कि पाकिस्तान में आतंकियों की पनाहगाहें फौरन खत्म की जानी चाहिए। इसलिए हम भारत का समर्थन करते हैं।

वर्मा से पूछा गया कि क्या अजीत डोभाल और उनकी अमेरिकी काउंटरपार्ट सुसैन राइस की बातचीत में सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा उठा था या क्या अमेरिका को पहले से पता था कि भारत सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने जा रहा है। इस सवाल का साफ जवाब वर्मा ने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि दोनों एनएसए के बीच बातचीत प्राइवेट थी। इसलिए इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे। लेकिन हम ये भी साफ कर देना चाहते हैं कि भारत को अपनी हिफाजत का पूरा हक है और इसके लिए वो जरूरी कदम उठा सकता है।   हालांकि, अमेरिकी एम्बेसडर ने ये साफ तौर पर माना कि सर्जिकल स्ट्राइक के एक दिन पहले भी डोभाल और सुसैन राइस के बीच लंबी बातचीत हुई थी।

वर्मा से सवाल किया गया कि अमेरिका के दबाव का असर पाकिस्तान पर दिखता क्यों नहीं है। वहां जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठन लगातार एक्टिव हैं। जवाब में रिचर्ड ने कहा कि "2011 के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद 73% कम कर दी है, क्योंकि पाकिस्तान सरकार आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। एफ-16 जेट फाइटर भी अब उन्हें नहीं मिलेंगे।