BREAKING NEWS: अमेरिका ने भी उरी में हुए आतंकी हमले की निंदा

नई दिल्ली (18 सितंबर): उरी में हुए आतंकी हमले की इंटरनेशनल लेवल पर निंदा हो रही है। अमेरिका ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।

भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अमेरिका शहीद हुए जवानों के परिवार के साथ संवेदना रखता है।

वहीं उरी हमले को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर चल रही बैठक खत्म हो गई है। बैठक में रॉ, एनएसजी, आईबी के बड़े अधिकारी और सीआरपीएफ के डीजी मौजूद थे। मीटिंग के बाद ट्वीट करके राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को समर्थन करना बंद नहीं कर रहा है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, '' पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है और उसकी पहचान इसी रूप में होनी चाहिए। हमारी संवेदनाएं शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ हैं। इस आतंकी घटना के पीछे जो लोग हैं उन्हें सजा मिलेगी। इस हमले और 17 जवानों के शहादत से गहरा दुख पहुंचा है। मै घायलों के जल्द स्वास्थ्य होने के कामना करता हूं।''

उधर आतंकी हमले की पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। पीएम ने साफ-साफ कड़े शब्दों में कह दिया कि गुनहगारो को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

आतंकियों ने उरी में आर्मी बेस कैंप को क्यों निशाना बनाया...

उरी आर्मी बेस कैंप एलओसी के नज़दीक है। इसकी वजह से उरी बेस कैंप को सुरक्षा के नज़रिए से बेहद संवेदनशील और अहम माना जाता है। इस बेस कैंप के अधीन आर्मी की 17 बटालियन हैं। सीमा पर उरी बेस कैंप सेना का बड़ा बेस कैंप है, जहां सुरक्षाबलों के लिए भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद होता है। सामरिक तौर पर सेना के लिए ये बेस कैंप बेहद अहम है, क्योंकि यहां से सेना के जवानों को हथियार, रसद और बैकअप सपोर्ट की सप्लाई होती है। लिहाज़ा उरी बेस कैंप को निशाना बना कर आतंकियों के इरादा सेना को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने का था, लेकिन पांच घंटे में ही कैंप में घुसे आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया।