सबसे बड़ा धोखा, 'जीनियस' बोलकर 36 महिलाओं को डोनेट कर दिया मंझे हुए अपराधी का स्पर्म

नई दिल्ली (16 अप्रैल): कनाडा में तीन परिवार एक स्पर्म बैंक और इसके वितरक पर मुकदमा करने जा रहे हैं। इनका आरोप है कि उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है। परिवार का कहना है कि उन्हें जीनियस व्यक्ति के नाम पर एक ऐसे व्यक्ति का स्पर्म दे दिया गया जो कई मानसिक बीमारियों से पीड़ित होने के साथ एक बड़ा अपराधी है।

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका की करीब 36 महिलाओं को पिछले एक दशक के दौरान स्पर्म डोनेट कर इनसेमिनेट किया गया। शुक्रवार को वकील जेम्स फायरमैन ने कहा, "यह भयानक है। इन दंपतियों को अपना परिवार बनाने के लिए मदद की जरूरत थी। वे काफी निरीह अवस्था में थे। उन्होंने क्रायोबैंक इंडस्ट्री पर भरोसा किया लेकिन नतीजा यह हुआ।"

इस सप्ताह दायर किए गए मुकदमे में परिवारों ने आरोप लगाया कि अमेरिका के जॉर्जिया की एक्सीटेक्स कॉर्प और ओन्टैरियो के आउटरीच हेल्थ सर्विसेस ने उनके साथ धोखा किया। वादी पक्ष अब 1.5 करोड़ कनाडाई डॉलर्स का हर्जाना मांग रहे हैं। हालांकि, अभी कोई भी आरोप कोर्ट में साबित नहीं हुए हैं। वादी पक्ष का आरोप है कि कंपनियों ने डोनर के आईक्यू बताने में फर्जीवाड़ा किया है। उनसे कहा गया कि डोनर पूरी तरह से स्वस्थ है। इसके अलावा वह न्यूरोसाइंस इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहा है। 

इन सभी परिवारों में एक-एक बच्चा इस शख्स के स्पर्म डोनेशन से पैदा हुआ है। परिवारों को डोनर की असल पहचान के बारे में तब पता लगा जब एक्सीटेक्स ने अनजाने में उसकी कॉन्टेक्ट इन्फॉर्मेशन उनको भेजे एक ईमेल में दे दीं। 

इंटरनेट पर सर्च और तुरंत जांच पड़ताल करने पर खुलासा हुआ कि डोनर असल में जॉर्जिया का रहने वाला एक 39 वर्षीय शख्स है, जो सिज़ोफ्रीनिया, नारसिस्सटिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, ड्रग-इंड्यूस्ड साइकॉटिक डिसऑर्डर और कई ग्रैंडियोज़ डिल्यूजन्स का शिकार है। उसे सेंधमारी और कई अन्य अपराध करने के आरोपों में कई बार जेल में डाला जा चुका है। 20 साल पहले उसे यूनिवर्सिटी से बाहर निकाल दिया गया था।