पाकिस्तान के बुरे दिन शुरू, हुक्का पानी बंद करेगा अमेरिका

नई दिल्ली (29 जुलाई): पाकिस्तान अगर आतंकी संगठनों के समर्थन की अपनी नीति बरकरार रखता है तो उसे अमेरिका की ओर से कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक प्रतिबंध झेलने पड़ सकते हैं। प्रमुख रिपब्लिकन सांसद जॉन मैक्केन ने इस बाबत सीनेट में विधेयक पेश कर दिया है जिसमें कहा गया है कि यदि पाकिस्तान तालिबान एवं हक्कानी नेटवर्क समेत आतंकवादी समूहों को समर्थन देना जारी रखता है तो कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक लागत का भार धीरे धीरे पाकिस्तान पर डाला जाए।

मैक्केन ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार कानून (एनडीएए) 2018 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। मैक्केन ने यह कदम अफगानिस्तान में स्थायी शांति एवं स्थिरता लाने और इस युद्धग्रस्त देश को अमेरिका के खिलाफ आतंकवादी हमलों के लिए इस्तेमाल होने से रोकने के प्रयासों के तहत उठाया है।

मैक्केन सीनेट आम्सर्ड सर्विसिज कमेटी के अध्यक्ष हैं और उनकी ओर से पेश विधेयक को अक्सर कांग्रेस की मंजूरी मिल जाती है। एनडीएए-2018 में सीनेट संशोधन 609 कहता है कि अमेरिका, उसके सहयोगियों और उनके मूल हितों पर हमले करने की आतंकवादी समूहों की क्षमता को नष्ट करना, बाधित करना और उसे ऐसा करने से रोकना अमेरिकी कांग्रेस का कर्तव्य है। यह संशोधन कांग्रेस को अफगानिस्तान सरकार को उखाड़ फेंकने के सैन्य बल का इस्तेमाल करने से तालिबान को रोकने और अफगानिस्तान की जनसंख्या पर तालिबान का नियंत्रण कम करने की भी अनुमति देता है।
 
मैक्केन ने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अफगान सुरक्षा बलों को मजबूत करने और अमेरिकी बलों को हक्कानी नेटवर्क एवं तालिबान तथा अन्य के आतंकवादियों को निशाना बनाने का अधिकार देने की अपील की है।